उत्तर प्रदेश

जंगल के रास्ते नेपाल जाने की कोशिश, तीन श्रीलंकाई समेत चार हिरासत में

nidhi
24 Oct 2026 11:04 AM IST
जंगल के रास्ते नेपाल जाने की कोशिश, तीन श्रीलंकाई समेत चार हिरासत में
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तीन महीने पहले खत्म हो चुका था वीजा
बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास तीन श्रीलंकाई नागरिकों समेत चार लोगों को पकड़ा गया है। उनके साथ तमिलनाडु की एक महिला भी है। प्रारंभिक जांच में तीनों श्रीलंकाई नागरिकों के वीजा की अवधि करीब तीन महीने पहले समाप्त होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि समूह जंगल के रास्ते नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी ने चारों को रोककर पूछताछ की और आगे की जांच के लिए मुर्तिहा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
रज्जनवा चेकपोस्ट के पास रोका गया समूह
अधिकारियों के अनुसार, चारों को रज्जनवा चेकपोस्ट के नजदीक सीमा क्षेत्र में रोका गया। प्रारंभिक जानकारी में उनके ऑटो-रिक्शा से इलाके तक पहुंचने और नेपाल की दिशा के बारे में पूछने की बात सामने आई है। सुरक्षाकर्मियों ने उनकी यात्रा और पहचान के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ में भाषा की बाधा आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद एसएसबी ने उनके सामान और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की। पासपोर्ट मिलने पर तीन लोगों के श्रीलंकाई नागरिक होने की जानकारी स्पष्ट हुई। फिलहाल उनके सीमा क्षेत्र तक पहुंचने की परिस्थितियों का सत्यापन किया जा रहा है।
वीजा की अवधि समाप्त होने पर उठे सवाल
जांच में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य श्रीलंकाई नागरिकों के वीजा की अवधि समाप्त होना बताया गया है। अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, उनके वीजा करीब तीन महीने पहले समाप्त हो चुके थे। इसके बावजूद वे भारत में क्यों रुके रहे, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस अवधि में वे किन स्थानों पर रहे और सीमा तक पहुंचने की योजना कैसे बनी। उनके पासपोर्ट तथा यात्रा से जुड़े अन्य विवरणों का मिलान किया जा रहा है। साथ मौजूद भारतीय महिला की भूमिका भी स्पष्ट की जानी है। वीजा समाप्त होने की बात तीन श्रीलंकाई नागरिकों से संबंधित है; इसे भारतीय नागरिक पर लागू नहीं माना जा सकता।
कई शहरों से होकर पहुंचने की जानकारी
प्रारंभिक पूछताछ से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, समूह तमिलनाडु से बेंगलुरु, दिल्ली, लखनऊ और बहराइच होते हुए रुपईडीहा पहुंचा था। वहां कुछ समय रुकने के बाद उनके मिहींपुरवा और फिर सीमा के नजदीक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। यह यात्रा विवरण अभी सत्यापन का विषय है। एजेंसियां उनके बताए मार्ग, ठहरने के स्थानों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि यात्रा की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की थी या किसी अन्य व्यक्ति ने सहायता की। फिलहाल किसी मददगार अथवा संगठित नेटवर्क की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नेपाल जाने का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं
चारों के नेपाल पहुंचने के कथित प्रयास के पीछे का उद्देश्य अभी साफ नहीं हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए लोगों ने मंदिर जाने की बात कही है। दूसरी ओर, जांच से जुड़े सूत्रों ने नेपाल के रास्ते आगे यात्रा कराने की संभावना का उल्लेख किया है। हालांकि, यह संभावना पुष्ट निष्कर्ष नहीं है। ऐसे में उनके बयानों को यात्रा और दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों के साथ परखा जा रहा है। जांच पूरी होने से पहले यह तय नहीं किया जा सकता कि उनका अंतिम गंतव्य क्या था। सीमा पार करने की कथित कोशिश और उसके पीछे की मंशा, दोनों अलग प्रश्न हैं, जिनका उत्तर जांच से सामने आना बाकी है।
अनुवादक की मदद से होगी विस्तृत पूछताछ
भाषा की समस्या के कारण पूछताछ प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने अनुवादक की व्यवस्था करने की बात कही है, ताकि संबंधित लोगों के बयान सही ढंग से समझे और दर्ज किए जा सकें। इस प्रक्रिया में उनकी पहचान, भारत आने का उद्देश्य, यहां रुकने की परिस्थितियां और नेपाल जाने की योजना स्पष्ट करने का प्रयास होगा। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी के अनुसार, पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। उपलब्ध विवरण में अभी किसी अंतिम जांच निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
अनुमानों से अलग रखी जा रही जांच
पकड़े गए श्रीलंकाई नागरिकों के जाफना निवासी होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, केवल किसी क्षेत्र का निवासी होना किसी प्रतिबंधित संगठन या आपराधिक गतिविधि से संबंध का प्रमाण नहीं है। उपलब्ध विवरण में ऐसे किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में फिलहाल मुख्य प्रश्न वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भारत में रहने और सीमा क्षेत्र तक पहुंचने से जुड़े हैं। दस्तावेजों का सत्यापन तथा चारों के बयानों की जांच पूरी होने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। किसी विशेष अपराध में औपचारिक आरोप, दर्ज धाराओं और आगे की न्यायिक कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा भी अभी सामने आना बाकी है।
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