उत्तर प्रदेश

आबान के जनाजे के बीच मिलेंगे अतीक के तीनों बेटे हाईकोर्ट का आदेश

Ratna Netam
8 Aug 2026 5:36 PM IST
आबान के जनाजे के बीच मिलेंगे अतीक के तीनों बेटे हाईकोर्ट का आदेश
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प्रयागराज : माफिया अतीक अहमद के तीनों बेटों अली, उमर और अहजम की प्रयागराज में मुलाकात होगी। छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए जेल में बंद अली और उमर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सशर्त कस्टडी पैरोल की अनुमति दी है। दोनों भाई प्रयागराज पहुंचकर आबान के जनाजे और अंतिम धार्मिक रस्मों में शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी बुआ परवीन कुरैशी और छोटे भाई अहजम अहमद से करीब एक घंटे तक मिलने की इजाजत भी दी गई है। यह मुलाकात पुलिस की मौजूदगी में तय स्थान पर होगी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पैरोल की अवधि के दौरान अली और उमर मीडिया से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया से भी दूरी बनाए रखेंगे। इसके अलावा दोनों किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। जनाजे के दौरान वे केवल धार्मिक रस्में कराने वाले धर्मगुरु, अपनी बुआ परवीन कुरैशी और भाई अहजम से बातचीत कर सकेंगे। अंतिम संस्कार और परिवार से मुलाकात की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को वापस संबंधित जेलों में भेज दिया जाएगा।
अली और उमर को यह अनुमति अपने छोटे भाई आबान अहमद की मौत के बाद मिली है। आबान की छह अगस्त को झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे की खबर सामने आने के बाद अतीक अहमद के परिवार और करीबियों में शोक की लहर दौड़ गई। आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके बड़े भाइयों ने अदालत से कस्टडी पैरोल की मांग की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों भाइयों की परिस्थितियों और अंतिम संस्कार में शामिल होने के उनके अधिकार को ध्यान में रखा। न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान जेल में बंद अतीक के दोनों बेटों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश किया गया।
याचिका में बताया गया कि आबान अहमद की सड़क हादसे में मौत हो गई है और उसके बड़े भाई मोहम्मद उमर लखनऊ जिला जेल तथा अली अहमद झांसी जिला जेल में बंद हैं। दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इच्छा जताई। अधिवक्ता सफदर काज़मी ने अदालत को बताया कि आबान की अंतिम रस्में और जनाजा आठ अगस्त की रात करीब आठ बजे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अदा किया जाना है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वकीलों ने कस्टडी पैरोल दिए जाने पर कोई सैद्धांतिक आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद अदालत ने मानवाधिकारों और न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया। कोर्ट ने दोनों भाइयों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।
अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को दोनों भाइयों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाए। जेल से बाहर आने से लेकर प्रयागराज पहुंचने और वापस जेल लौटने तक उनकी सुरक्षा की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। पुलिस की मौजूदगी में ही परिवार से निर्धारित मुलाकात कराई जाएगी, ताकि पैरोल की शर्तों का पालन सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान अली और उमर की अपने छोटे भाई अहजम से भी मुलाकात होगी। अहजम वर्तमान में कोलकाता में राजनीति विज्ञान की पढ़ाई कर रहा है। परिवार के तीनों भाइयों की यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब अतीक अहमद के परिवार के सामने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी मुश्किलें आई हैं। आबान परिवार का सबसे छोटा बेटा था और उसकी अचानक हुई मौत ने परिवार को एक और बड़ा झटका दिया है।
पैरोल की सुनवाई के दौरान उमर ने अदालत से अली से बात करने की अनुमति भी मांगी थी। उमर ने कहा कि वह करीब तीन साल से अपने भाई अली से नहीं मिला है। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद दोनों भाइयों ने बातचीत की। इस दौरान उमर ने अली को हौसला बनाए रखने की बात कही और उसे मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करने की सलाह दी। उमर ने कहा कि मीडिया का दबाव हो सकता है, लेकिन अली को कुछ नहीं बोलना है।
अदालत की ओर से लगाई गई शर्तों के चलते आबान के जनाजे में दोनों भाई शामिल तो होंगे, लेकिन उनकी गतिविधियां पूरी तरह पुलिस निगरानी में रहेंगी। धार्मिक रस्में पूरी करने और परिवार से निर्धारित मुलाकात के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया जाएगा। इस तरह आबान के अंतिम संस्कार के मौके पर अली, उमर और अहजम की एक घंटे की मुलाकात परिवार के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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