- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- कभी दबदबे वाला था अतीक...
उत्तर प्रदेश
कभी दबदबे वाला था अतीक का कुनबा अब परिवार बिखरा शाइस्ता फरार
Ratna Netam
8 Aug 2026 5:28 PM IST

x
झांसी : सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की मौत के बाद एक बार फिर अतीक का परिवार सुर्खियों में आ गया है। आबान की मौत की खबर सामने आते ही परिवार और रिश्तेदारों में खलबली मच गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आबान का भाई अहजम और परिवार के कुछ करीबी लोग झांसी के लिए रवाना हो गए। कभी प्रयागराज में अतीक अहमद के नाम से पहचान रखने वाला परिवार पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार मुश्किलों और बड़े हादसों से गुजर रहा है। अब आबान की मौत के बाद परिवार के सामने एक और बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को पुलिस अभिरक्षा के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद अतीक के परिवार के कई सदस्य अलग-अलग मामलों में जेल पहुंचे, जबकि कुछ सदस्य पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। परिवार के पांच बेटों में से दो की मौत हो चुकी है, जबकि दो जेल में बंद हैं और एक बेटा पढ़ाई कर रहा है।
अतीक के सबसे बड़े बेटे उमर अहमद लखनऊ जेल में बंद हैं। देवरिया जेल कांड से जुड़े मामले में उनका नाम सामने आया था। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने सरेंडर किया था। दूसरे बेटे अली अहमद झांसी की जेल में बंद हैं। उन पर बिल्डर से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने समेत कई आरोप हैं। तीसरे नंबर के बेटे असद की उमेश पाल हत्याकांड के बाद झांसी में हुई एसटीएफ मुठभेड़ में मौत हो गई थी। चौथे बेटे अहजम कोलकाता में राजनीति विज्ञान से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे छोटे बेटे आबान की अब झांसी में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई।
आबान की मौत के बाद झांसी एक बार फिर अतीक परिवार के लिए चर्चा में आ गया है। इससे पहले असद की भी झांसी में एसटीएफ से मुठभेड़ के दौरान मौत हुई थी। बताया गया है कि उस समय आबान अपने भाई असद की मौत के बाद फूट-फूटकर रोया था। बाद में अली अहमद को भी नैनी जेल से झांसी जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। आबान अपने भाई अली से मिलने के लिए गुरुवार सुबह चार अन्य साथियों के साथ कार से झांसी जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में आबान की मौत हो गई।
आबान का शव शुक्रवार सुबह हटवा गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। परिवार के लोगों और करीबियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी वहां पहुंचीं। इसी दौरान यह चर्चा भी फैल गई कि अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन गुपचुप तरीके से बेटे के अंतिम दर्शन के लिए पहुंची थीं। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि शाइस्ता के गांव पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
शाइस्ता के संभावित रूप से पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस गांव में तैनात रही। महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया था। पुलिस ने भीड़ और वहां होने वाली गतिविधियों पर नजर बनाए रखी, लेकिन किसी भी महिला की पहचान शाइस्ता के तौर पर नहीं हो सकी।
आबान की मौत के साथ अतीक परिवार के लिए पिछले तीन वर्षों की घटनाओं का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। अतीक और अशरफ की हत्या, असद की मौत, परिवार के सदस्यों का जेल जाना और अब आबान की सड़क हादसे में मौत ने इस परिवार को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा है। वहीं अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब और अतीक की बहन नूरी अब भी फरार बताई जा रही हैं। शाइस्ता के लिए आबान की मौत इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि परिवार के करीबियों के मुताबिक आबान अपनी मां का बेहद लाड़ला बेटा था। हालांकि, शाइस्ता के अंतिम संस्कार या अंतिम दर्शन में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
TagsAtiqclanfamilyscatteredShaistaabscondingअतीककुनबापरिवारबिखराशाइस्ताफरारजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





