उत्तर प्रदेश

प्रयागराज स्टेशन पर GRP ने 3 घंटे में मासूम को पिता से मिलवाया

Kavita2
12 May 2026 1:02 PM IST
प्रयागराज स्टेशन पर GRP ने 3 घंटे में मासूम को पिता से मिलवाया
x

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब भीड़, अपनों से बिछड़ने का डर और एक बेबस पिता की सिसकियां एक साथ नजर आईं। इसी बीच जीआरपी प्रयागराज की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक परिवार को फिर से मिलाकर बड़ी राहत दी।

यह पूरा मामला मिशन शक्ति-5 अभियान के तहत सामने आया, जिसमें जीआरपी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के भीतर तीन वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित खोज निकाला और उसके पिता से मिलवाया। इस दौरान स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बना हुआ था, लेकिन पुलिस की सक्रियता ने स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने पिता से अचानक भीड़ में बिछड़ गई थी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों की भारी भीड़ के कारण उसे ढूंढना और भी मुश्किल हो गया था। बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम तुरंत सक्रिय हो गई और पूरे स्टेशन परिसर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मदद ली और यात्रियों से पूछताछ की। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया और आसपास के क्षेत्रों में लगातार जांच की गई। लगातार प्रयासों के बाद तीन घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।

जब बच्ची को सुरक्षित बरामद किया गया तो स्टेशन पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद जीआरपी टीम ने बच्ची को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। पिता अपनी बेटी को देखकर भावुक हो उठे और उनकी आंखों से आंसू निकल आए।

मौके पर मौजूद लोगों ने जीआरपी की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की सराहना की। लोगों ने कहा कि भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन पर इस तरह की मुस्तैदी और तत्परता यात्रियों के लिए भरोसे का माहौल बनाती है।

जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति-5 के तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस अभियान के तहत रेलवे परिसरों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर की गई पुलिस कार्रवाई किसी भी बड़े संकट को टाल सकती है। तीन घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित उसके पिता से मिलवाना जीआरपी की तत्परता और जिम्मेदारी का उदाहरण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर हुआ यह मामला न केवल एक परिवार के लिए राहत भरा रहा, बल्कि पुलिस की सक्रियता और मानवीय सेवा का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

Next Story