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उत्तर प्रदेश
बारिश से नुकसान का 24 घंटे में आकलन, योगी के सख्त निर्देश
Ashish verma
10 Oct 2026 10:56 PM IST

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से जनहानि, पशुहानि और फसल हानि का आकलन 24 घंटे के भीतर पूरा करने तथा प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति देने को कहा है। इसके साथ ही जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर लाने के लिए तत्काल जुटने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को भी 24 घंटे के अंदर पूरा करने की समयसीमा तय की है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों में नुकसान के आकलन और तत्काल राहत, दोनों पर जोर दिया गया है। बारिश से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पहले जनहानि, पशुहानि और फसल नुकसान की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अधिकारियों को यह प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी करने को कहा गया है। आकलन के साथ प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति देने का निर्देश भी है। इससे राहत संबंधी कार्रवाई को नुकसान के वास्तविक विवरण के आधार पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी तय की गई है।
बारिश और अतिवृष्टि से हुई जनहानि के मामलों का आकलन निर्देशों का प्रमुख हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति देने को कहा है। इसके लिए अधिकारियों को नुकसान की जानकारी जुटाने का काम निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा। उपलब्ध विवरण में जनहानि की संख्या अथवा प्रभावित परिवारों का जिलावार ब्यौरा नहीं दिया गया है। फिलहाल निर्देश पूरे प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन और उसके अनुसार सहायता उपलब्ध कराने से संबंधित हैं।
पशुहानि को भी आकलन में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश और अतिवृष्टि से जिन परिवारों के पशुओं को नुकसान पहुंचा है, उनकी स्थिति का विवरण भी तैयार किया जाना है। मुख्यमंत्री ने जनहानि के साथ पशुहानि का अलग उल्लेख किया है। इस प्रकार नुकसान की समीक्षा केवल मानव जीवन से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं रहेगी। पशुओं की हानि के संबंध में भी प्रभावित परिवारों की जानकारी जुटाकर क्षतिपूर्ति संबंधी कार्रवाई करनी होगी।
फसल नुकसान का आकलन भी 24 घंटे के भीतर पूरा करने को कहा गया है। बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए यह निर्देश महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को फसल हानि की स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रभावित फसलों, क्षेत्रफल या नुकसान की राशि का विवरण शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री का निर्देश नुकसान का समयबद्ध आकलन कर सहायता देने का है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए भी समयसीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्परता से जुटने और 24 घंटे के अंदर यह काम पूरा करने को कहा है। पानी निकासी के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में जमा पानी हटाना राहत कार्यों का अहम हिस्सा है। इसके लिए अधिकारियों को तत्काल काम शुरू करने और निर्धारित अवधि के अनुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जलभराव के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस कार्य में तत्परता बरतने को कहा है। लोगों की सुरक्षा के साथ पानी निकासी के काम को आगे बढ़ाना होगा। उपलब्ध विवरण में फंसे लोगों की संख्या या संबंधित स्थानों के नाम नहीं बताए गए हैं। निर्देश उन क्षेत्रों के लिए हैं, जहां बारिश और अतिवृष्टि के कारण जलभराव हुआ है और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने को कहा है। इसका उद्देश्य निर्देशों को तत्काल कार्रवाई में बदलना है। नुकसान का आकलन, क्षतिपूर्ति, पानी निकासी और लोगों को सुरक्षित निकालना इस कार्रवाई के प्रमुख हिस्से हैं। इन कार्यों को अलग-अलग जरूरतों के अनुसार पूरा करना होगा। विशेष रूप से जलभराव से जुड़ी परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जमा पानी हटाने पर ध्यान देने के निर्देश हैं।
निर्धारित समयसीमा इन निर्देशों का केंद्रीय पहलू है। नुकसान का आकलन 24 घंटे में पूरा किया जाना है। वहीं, जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर लाने के लिए भी इतनी ही अवधि दी गई है। हालांकि, क्षतिपूर्ति की राशि या भुगतान की अलग समयसीमा उपलब्ध विवरण में नहीं बताई गई है। इसलिए आकलन के लिए तय अवधि और क्षतिपूर्ति देने के निर्देश को उनके स्पष्ट स्वरूप में समझना आवश्यक है।
अधिकारियों के लिए अब प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के अनुसार काम आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। जिन स्थानों पर लोग फंसे हैं, वहां सुरक्षित निकासी आवश्यक है। जहां पानी जमा है, वहां निकासी करनी होगी। इसके साथ जनहानि, पशुहानि और फसल हानि का विवरण तैयार करना होगा। मुख्यमंत्री ने इन सभी पहलुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध जानकारी में कार्य पूरा होने का दावा नहीं है; यह प्रशासन को दी गई समयबद्ध जिम्मेदारी है।
बारिश और अतिवृष्टि के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश प्रभावित परिवारों की सहायता तथा जलभराव से तत्काल राहत पर केंद्रित हैं। अधिकारियों को 24 घंटे में नुकसान का आकलन पूरा करने, क्षतिपूर्ति देने और राहत-बचाव कार्य तेज करने को कहा गया है। इसी अवधि में जमा पानी निकालने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर लाने का निर्देश है। प्रभावित क्षेत्रों में इन कार्यों के लिए तत्परता तथा समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
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