- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- आसिफ विक्की की कहानी,...

अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी आसिफ उर्फ विक्की को अंबेडकरनगर में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। नोएडा एसटीएफ यूनिट की टीम के साथ हुई इस कार्रवाई में गोली लगने के बाद आसिफ को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आसिफ लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, डकैती, अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों के 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, आसिफ उर्फ विक्की पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसकी तलाश सिर्फ यूपी पुलिस ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली पुलिस भी कर रही थी। वह कई वर्षों से अलग-अलग जगहों पर ठिकाना बदलकर पुलिस से बचता आ रहा था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी आसिफ अंबेडकरनगर के बिवाना क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद नोएडा एसटीएफ यूनिट ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देखकर आसिफ ने आत्मसमर्पण करने के बजाय एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की ओर से भी गोली चलाई गई, जिसमें आसिफ घायल हो गया। घायल अवस्था में पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से एसटीएफ ने उसके पास से एक .32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की देसी पौनिया, बड़ी संख्या में कारतूस और एक बाइक बरामद की है।
कानपुर में की थी पहली हत्या, कई बड़े अपराधों में सामने आया नाम
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए अपराधी की पहचान कानपुर नगर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र के माकनपुर गांव निवासी आसिफ उर्फ विक्की के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आसिफ ने अपने आपराधिक सफर की शुरुआत कानपुर में पहली हत्या से की थी। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। उसने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी को अपना ठिकाना बनाया था और वहीं से कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था। हालांकि, पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था।
आसिफ का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आया था। साल 2014 में जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में हुई डकैती और डबल मर्डर की घटना में वह मुख्य आरोपी था। इस वारदात में बदमाशों ने एक परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की थी और धारदार हथियारों से हमला किया था। इस हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके अलावा साल 2013 के सुल्तानपुर डकैती और हत्याकांड, 2015 के कौशांबी डकैती और डबल मर्डर केस, मुजफ्फरनगर में हुई कई डकैतियों और 2021 में कानपुर देहात के हत्या मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आसिफ बेहद शातिर अपराधी था और कई राज्यों में सक्रिय था। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की लंबी सूची के कारण वह लंबे समय से पुलिस के रडार पर था। एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और गंभीर अपराधों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





