उत्तर प्रदेश

वाराणसी खंड स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा ने किया नामांकन, शिक्षक सीट पर रितिका दुबे ने भरा पर्चा

Kavita2
1 Oct 2026 4:37 PM IST
वाराणसी खंड स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा ने किया नामांकन, शिक्षक सीट पर रितिका दुबे ने भरा पर्चा
x

वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को वाराणसी खंड स्नातक सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल किया। वहीं वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रितिका दुबे ने भी पर्चा दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया वाराणसी के आयुक्त कार्यालय परिसर में चल रही है। इससे पहले दोनों ने नामांकन पत्र प्राप्त किए थे।

निर्वाचन अधिकारी और मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की देखरेख में नामांकन की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई। वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नामांकन आयुक्त कार्यालय परिसर स्थित अपर आयुक्त प्रशासन के न्यायालय कक्ष में कराया जा रहा है, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशियों के लिए अलग न्यायालय कक्ष में व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने नामांकन के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। प्रत्याशियों और उनके प्रस्तावकों को विकास भवन के सामने स्थित कमिश्नरी परिसर के प्रवेश द्वार से अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। परिसर के आसपास पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराई जा सके।

समाजवादी पार्टी ने वाराणसी खंड स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा पर एक बार फिर भरोसा जताया है। वह वर्तमान में इसी सीट से विधान परिषद सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। सपा ने आगामी चुनाव के लिए उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया है।

आशुतोष सिन्हा के नामांकन के साथ वाराणसी स्नातक सीट पर चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं। यह सीट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और यहां स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। पिछली बार आशुतोष सिन्हा ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी।

इस बार भाजपा ने वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदारनाथ सिंह को उम्मीदवार बनाया है। केदारनाथ सिंह इससे पहले भी इस सीट से एमएलसी रह चुके हैं। वह 2020 के चुनाव में आशुतोष सिन्हा से हार गए थे। ऐसे में इस बार दोनों के बीच फिर मुकाबला देखने को मिल सकता है।

वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार रितिका दुबे ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने नामांकन पत्र लिया था। इस सीट पर भाजपा ने प्रमोद कुमार मिश्रा और समाजवादी पार्टी ने मौजूदा एमएलसी लाल बिहारी यादव को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव की तैयारी में हैं।

नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दो दिनों में बड़ी संख्या में संभावित प्रत्याशियों ने पर्चे लिए थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 20 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 10 लोगों ने नामांकन पत्र प्राप्त किए थे। बुधवार तक किसी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। गुरुवार को आशुतोष सिन्हा और रितिका दुबे के नामांकन के साथ औपचारिक रूप से प्रत्याशियों के मैदान में उतरने का सिलसिला शुरू हुआ।

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों के पात्र स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य चुनते हैं। सामान्य विधानसभा चुनाव की तुलना में इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता बनने के लिए अलग पात्रता निर्धारित होती है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले शिक्षक मतदाता वोट डालते हैं। इसी वजह से इन सीटों पर प्रचार का तरीका भी अलग होता है। प्रत्याशी सीधे शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, स्नातकों और पेशेवर वर्ग से संपर्क करते हैं।

चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। सपा की ओर से आशुतोष सिन्हा के समर्थन में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय हैं। भाजपा भी अपने प्रत्याशी के समर्थन में स्नातक मतदाताओं तक पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुरानी पेंशन, समान कार्य के लिए समान वेतन, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा में हैं। शिक्षक संगठनों ने भी इन मांगों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों और स्नातक युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उम्मीदवार मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं। चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी अलग-अलग वर्गों से संपर्क बढ़ाने में जुटे हैं।

नामांकन के दौरान प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल निर्धारित संख्या में लोगों को ही प्रत्याशी के साथ परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। सुरक्षा जांच के बाद ही प्रत्याशी और उनके प्रस्तावक नामांकन कक्ष तक पहुंच सकेंगे।

नामांकन के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित जमानत राशि जमा करनी होती है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपये, जबकि अन्य उम्मीदवारों के लिए दस हजार रुपये निर्धारित है।

वाराणसी प्रशासन ने मतदान और मतगणना की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा, मतदाता सूची और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर अलग-अलग स्तर पर काम चल रहा है।

वाराणसी खंड स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा और शिक्षक सीट से रितिका दुबे के नामांकन के बाद चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। आने वाले दिनों में भाजपा, सपा और अन्य दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों के भी पर्चे दाखिल करने की संभावना है।

छह अक्टूबर तक नामांकन प्रक्रिया जारी रहने के कारण अभी प्रत्याशियों की अंतिम संख्या तय नहीं है। नाम वापसी की तारीख बीतने के बाद ही दोनों सीटों पर अंतिम मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

फिलहाल वाराणसी कमिश्नरी परिसर में चुनावी गतिविधियां तेज हैं। प्रत्याशियों के नामांकन के साथ ही अब स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच जनसंपर्क और प्रचार अभियान भी जोर पकड़ने लगा है।

Next Story