- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- इलाहाबाद-झांसी स्नातक...
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर को BJP का टिकट, पन्ना प्रमुखों पर रहेगा जोर

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी ने अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की जारी सूची में उत्तर प्रदेश की तीन स्नातक और तीन शिक्षक सीटों समेत कुल छह प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से टिकट मिलने के बाद भाजपा ने चुनावी प्रबंधन पर भी काम तेज कर दिया है। पार्टी का जोर बूथ स्तर तक मतदाताओं से संपर्क मजबूत करने और मतदान वाले दिन अधिकतम समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर रहेगा। इसके लिए पन्ना प्रमुख व्यवस्था को सक्रिय और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।
पार्टी की रणनीति में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं तक सीधे पहुंचने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी शामिल है। शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठकों की तैयारी की जा रही है, जबकि विधानसभा स्तर पर शिक्षक-स्नातक सम्मेलनों के आयोजन की भी योजना है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी अपने प्रत्याशी और संगठन के बीच समन्वय मजबूत करने की कोशिश करेगी।
भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार राठौर मूल रूप से जालौन के रहने वाले हैं। वह इससे पहले भी शिक्षक और स्नातक राजनीति से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2023 में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान वह आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए थे।
उस समय अशोक कुमार राठौर स्वयं भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में थे। भाजपा की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी डॉ. बाबूलाल तिवारी के लिए चुनावी स्थिति अधिक अनुकूल हो गई थी। अब पार्टी ने 2026 के विधान परिषद चुनाव में राठौर को इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है।
अशोक कुमार राठौर की उम्मीदवारी के साथ ही इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। यह निर्वाचन क्षेत्र सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें केवल निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले और मतदाता सूची में पंजीकृत स्नातक ही मतदान कर सकते हैं।
इसी वजह से ऐसे चुनावों में बड़े जनसभा अभियान से ज्यादा मतदाता सूची और व्यक्तिगत संपर्क को महत्वपूर्ण माना जाता है। भाजपा भी इसी रणनीति के तहत पन्ना प्रमुखों और संगठन के छोटे स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है।
पार्टी का प्रयास रहेगा कि निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्येक पंजीकृत समर्थक मतदाता से संपर्क स्थापित किया जाए। इसके लिए मतदाता सूची के आधार पर जिम्मेदारियां बांटी जा सकती हैं। स्नातक मतदाताओं तक संपर्क के लिए शिक्षण संस्थानों, पेशेवर वर्ग और विभिन्न संगठनों के माध्यम से संवाद बढ़ाने की योजना है।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची का 2026 के दौरान निरंतर अद्यतन भी किया जाता रहा है। निर्वाचन क्षेत्र में नए मतदाताओं को जोड़ने, संशोधन और विलोपन की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर चलती रही है।
भाजपा की ओर से घोषित अन्य प्रत्याशियों में वाराणसी स्नातक से केदारनाथ सिंह, मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल, वाराणसी शिक्षक से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में इस बार विधान परिषद की कुल 11 स्नातक और शिक्षक सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होना है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है और 23 अक्टूबर को मतदान होना है। निर्वाचन कार्यक्रम जारी होने के साथ संबंधित क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी हो गई है।
अशोक कुमार राठौर के नाम की घोषणा के बाद भाजपा संगठन अब निर्वाचन क्षेत्र में अपने चुनावी ढांचे को सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है। पार्टी का विशेष ध्यान उन मतदाताओं पर रहेगा जो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सूची में पंजीकृत हैं लेकिन नियमित राजनीतिक चुनावों की तुलना में ऐसे चुनावों में कम सक्रिय रहते हैं।
पार्टी स्तर पर मतदाताओं तक पहुंचने के लिए मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी है। पन्ना प्रमुखों के जरिए मतदाता सूची के छोटे-छोटे हिस्सों पर निगरानी और संपर्क को मजबूत किया जाएगा।
शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ प्रस्तावित बैठकों का उद्देश्य भी स्नातक और शिक्षक वर्ग के बीच संपर्क बढ़ाना है। इसके साथ विधानसभा स्तर पर शिक्षक-स्नातक सम्मेलनों के जरिए पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में माहौल बनाने का प्रयास करेगी।
राठौर की पृष्ठभूमि को देखते हुए पार्टी उनके 2023 के राजनीतिक कदम को भी संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में सामने रख सकती है। उस समय उन्होंने भाजपा में शामिल होने के बाद अपना नाम वापस लिया था। अब पार्टी ने उन्हें खुद प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर चुनावी मुकाबला मतदाता संपर्क और मतदान प्रबंधन पर काफी निर्भर रहेगा। सामान्य चुनाव की तुलना में यहां मतदाताओं की संख्या सीमित और विशेष श्रेणी की होती है, इसलिए प्रत्येक पंजीकृत मतदाता तक पहुंच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भाजपा की रणनीति का केंद्र भी यही है। पार्टी चुनावी अभियान को बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय संस्थागत बैठकों, सम्मेलनों, व्यक्तिगत संपर्क और पन्ना प्रमुख व्यवस्था पर जोर दे रही है।
अशोक कुमार राठौर की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद अब नामांकन और प्रचार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दूसरे दलों और प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने के साथ इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर मुकाबले की तस्वीर भी और साफ होगी।
फिलहाल भाजपा ने अपने प्रत्याशी के नाम के साथ चुनावी संगठन की दिशा भी तय कर दी है। अशोक कुमार राठौर को मैदान में उतारने के साथ पार्टी स्नातक मतदाताओं के बीच बूथ और पन्ना स्तर तक संपर्क अभियान को प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गई है।





