- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- राम-हनुमान बने...

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवान श्रीराम और श्रीहनुमान का स्वरूप धारण करने वाले कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने दोनों कलाकारों को 51-51 हजार रुपये की राशि दी और कहा कि यह सहायता सम्मान के रूप में दी जा रही है। अखिलेश यादव ने इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी पर कलाकारों की भावनाओं और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह धनराशि किसी राजनीतिक चंदे के तौर पर नहीं बल्कि भगवान को समर्पित चढ़ावे के रूप में दी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पैसा सीधे कलाकारों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि बीच में कोई इसे "चंपत" न कर सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल दानपेटियों में दान देने के बजाय जरूरतमंद लोगों की मदद करें, क्योंकि इससे वास्तविक जरूरतमंदों को सहायता मिलती है।
सपा अध्यक्ष ने कलाकारों और रचनाकारों के लिए जारी अपने संदेश में कहा कि भाजपा ने एक गरीब और मजबूर कलाकार की प्रतिभा का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए किया। उन्होंने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उनके रथ के आगे भगवान हनुमान का स्वरूप धारण किए एक कलाकार से नृत्य कराया गया। अखिलेश ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बजरंगबली के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि उस कलाकार की कोई गलती नहीं थी, क्योंकि प्रदेश में कलाकारों को पर्याप्त अवसर और सम्मान नहीं मिल रहा है। आर्थिक मजबूरी के चलते कई कलाकार ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेने के लिए मजबूर होते हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा कलाकारों को केवल अपने राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल करती है और उनकी प्रतिभा का उचित सम्मान नहीं करती।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में साहित्यकार, पत्रकार और कलाकार सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन भाजपा सरकार ऐसे लोगों को खुलकर अपनी अभिव्यक्ति रखने का अवसर नहीं देना चाहती। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा कलाकारों, साहित्यकारों और रचनाकारों के सम्मान के लिए खड़ी रही है और आगे भी जरूरतमंद कलाकारों की सहायता करती रहेगी।
सपा प्रमुख ने इस दौरान अपने पुराने फैसले का भी जिक्र किया और कहा कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी द्वारा दिया जाने वाला ‘यश भारती सम्मान’ फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशिष्ट प्रतिभाओं को एक लाख रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि देकर आजीवन सम्मानित किया जाएगा, ताकि प्रदेश की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सुनियोजित तरीके से सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बंद कर रही है, जिससे गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं। इसके अलावा सीतापुर, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में स्कूल बंद होने का दावा उन्होंने किया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2017 तक सरकारी प्राथमिक स्कूलों में करीब एक करोड़ 17 लाख बच्चे पढ़ रहे थे, जबकि अब यह संख्या घटकर लगभग 89 लाख रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों पर पड़ा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा और कला दोनों समाज की नींव हैं। सरकार को कलाकारों और छात्रों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी गरीबों, कलाकारों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।





