उत्तर प्रदेश

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सेना की एंबुलेंस खड़े ट्रक से टकराई

Kavita2
4 Oct 2026 1:26 PM IST
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सेना की एंबुलेंस खड़े ट्रक से टकराई
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सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार, चंडीगढ़ से एक सूबेदार-मेजर के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जा रही सेना की एंबुलेंस एक खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में एंबुलेंस में सवार परिवार के तीन सदस्यों और चालक की मौत हो गई। घटना अयोध्या-सुल्तानपुर सीमा के पास हलियापुर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 79.6 के आसपास हुई।

बताया गया कि सेना के सूबेदार-मेजर का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। परिवार के सदस्य भी एंबुलेंस में उनके साथ यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान रविवार सुबह करीब आठ बजे एंबुलेंस की एक खड़े ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एंबुलेंस को भारी नुकसान पहुंचा और उसमें सवार चार लोगों की जान चली गई।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस की स्थिति बेहद क्षतिग्रस्त बताई गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को बाहर निकलवाया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय एंबुलेंस में सेना के सूबेदार-मेजर का पार्थिव शरीर ले जाया जा रहा था। परिवार के लोग अंतिम यात्रा में उनके साथ थे और देवरिया स्थित पैतृक गांव की ओर जा रहे थे। लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने परिवार को एक और गहरे सदमे में डाल दिया।

पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना में परिवार के तीन सदस्यों के साथ एंबुलेंस चालक की भी मौत हुई है। इस घटना ने परिजनों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एक ओर परिवार पहले ही अपने सैन्य सदस्य के निधन से दुखी था, वहीं दूसरी ओर उनके पार्थिव शरीर को घर ले जाते समय यह दूसरा बड़ा हादसा हो गया।

घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एंबुलेंस की गति कितनी थी और वह खड़े ट्रक से किन परिस्थितियों में टकराई। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सड़क की स्थिति, ट्रक की स्थिति और दुर्घटना से पहले एंबुलेंस की गतिविधियों को भी देखा जा सकता है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर इस तरह का हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर सवाल खड़े करता है। अगर कोई ट्रक एक्सप्रेसवे पर खड़ा था तो वह किस स्थिति में और क्यों खड़ा था, यह जांच का अहम बिंदु हो सकता है। पुलिस इस पहलू को भी देख सकती है कि ट्रक को उचित तरीके से खड़ा किया गया था या नहीं और उसके आसपास पर्याप्त चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं।

हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ। उस समय एक्सप्रेसवे पर यातायात जारी था। अचानक एंबुलेंस की ट्रक से टक्कर के बाद मौके पर अन्य वाहन भी रुकने लगे। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की।

दुर्घटना की खबर फैलते ही संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी गई। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई। शवों को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की गई।

सेना के सूबेदार-मेजर के पार्थिव शरीर को चंडीगढ़ से देवरिया ले जाया जा रहा था। इससे यह स्पष्ट होता है कि परिवार लंबी दूरी की यात्रा पर था। लंबी दूरी के सफर के दौरान सड़क सुरक्षा के साथ वाहन चालक की सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। हालांकि इस मामले में हादसे की वास्तविक वजह अभी जांच के दायरे में है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि एंबुलेंस और ट्रक के बीच टक्कर किस कोण से हुई और हादसे से ठीक पहले दोनों वाहनों की स्थिति क्या थी। यदि घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध होगा तो उसकी मदद भी ली जा सकती है।

दुर्घटनाग्रस्त वाहन का तकनीकी निरीक्षण भी जांच का हिस्सा बन सकता है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि हादसे से पहले एंबुलेंस में कोई तकनीकी समस्या थी या नहीं। इसी तरह खड़े ट्रक की स्थिति और उसके चालक की भूमिका के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।

हादसे में चार लोगों की मौत होने से पूरे घटनाक्रम की गंभीरता बढ़ गई है। परिवार के तीन सदस्यों का एक साथ चले जाना परिजनों के लिए बेहद दुखद है। खास तौर पर तब, जब वे पहले से अपने परिवार के एक सदस्य के निधन का दुख झेल रहे थे।

पुलिस की जांच में मृतकों की पूरी पहचान, पारिवारिक संबंध और हादसे के समय उनकी स्थिति से जुड़े विवरण दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा एंबुलेंस के संचालन और यात्रा के संबंध में भी जानकारी ली जा सकती है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे मार्गों में शामिल है। इस पर वाहनों की आवाजाही तेज गति से होती है। ऐसे में सड़क पर किसी वाहन का खड़ा होना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि इस विशेष हादसे में जिम्मेदारी किसकी थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कराया। क्षतिग्रस्त एंबुलेंस और खड़े ट्रक को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई की गई। यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया।

इस घटना ने परिवार को दोहरी त्रासदी में डाल दिया है। सूबेदार-मेजर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को घर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में परिवार के तीन अन्य सदस्यों और चालक की भी मौत हो गई। ऐसे में परिवार के लिए यह हादसा बेहद पीड़ादायक है।

फिलहाल पुलिस दुर्घटना की जांच कर रही है और हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाया जा रहा है। खड़े ट्रक की स्थिति, एंबुलेंस की आवाजाही और टक्कर की परिस्थितियों को जांच में शामिल किया जाएगा। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

मामले में यह भी देखा जाएगा कि एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक को लेकर नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने मृतकों के परिजनों को सूचना देने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी है। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है और हादसे की जांच के साथ मानवीय स्तर पर सहायता भी महत्वपूर्ण होगी।

कुल मिलाकर, रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अयोध्या-सुल्तानपुर बॉर्डर के पास हलियापुर क्षेत्र में एक सेना की एंबुलेंस खड़े ट्रक से टकरा गई। एंबुलेंस चंडीगढ़ से एक सूबेदार-मेजर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव, देवरिया जिले, ले जा रही थी। हादसे में परिवार के तीन सदस्यों और एंबुलेंस चालक की मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मामले की जांच आरंभ कर दी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और खड़े ट्रक की इसमें क्या भूमिका रही, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

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