उत्तर प्रदेश

PPS अधिकारियों के IPS प्रमोशन को मंजूरी

Ratna Netam
26 Jun 2026 5:44 PM IST
PPS अधिकारियों के IPS प्रमोशन को मंजूरी
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UP में बड़ा बदलाव,

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : पुलिस विभाग से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। राज्य के दो दर्जन से अधिक पीपीएस अधिकारियों के प्रमोशन को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद जल्द ही ये सभी अधिकारी आईपीएस कैडर में शामिल हो जाएंगे। इस फैसले से पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली स्थित Union Public Service Commission (UPSC) कार्यालय में गुरुवार को डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वर्ष 1997, 1998, 1999 और 2000 बैच के पीपीएस अधिकारियों के प्रमोशन प्रस्ताव पर विचार किया गया और उसे मंजूरी दे दी गई।

इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी भी रही, जिसमें पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने भाग लिया। बताया जा रहा है कि बैठक में कुल 30 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस कैडर में प्रमोट करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। अब इस फैसले के बाद केवल राज्य सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार है। नोटिफिकेशन जारी होते ही यह प्रमोशन औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा।

इस निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के संबंधित अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से प्रमोशन की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक विभिन्न जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इनमें सुरेश चंद्र रावत, शोएब इकबाल, राहुल मिठास, आलोक कुमार शर्मा, राजकुमार-प्रथम, महेश सिंह अत्री, विनीत भटनागर, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, शशि शेखर सिंह, कुलदीप सिंह-प्रथम, ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, हरेंद्र प्रताप यादव, वंश राज सिंह यादव, डॉ. कृष्णा गोपाल, मधुबन कुमार सिंह, कपिल देव सिंह, बलवंत कुमार चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, राजेश कुमार पांडे-प्रथम, प्रीति बाला गुप्ता, विकास चंद्र त्रिपाठी, पूर्णेन्दु सिंह, हरेंद्र कुमार, मार्तंड प्रकाश सिंह, अभय नाथ त्रिपाठी, पवित्र मोहन त्रिपाठी, देवेश कुमार शर्मा, प्रशांत कुमार प्रसाद, डॉ. अरविंद कुमार और सिद्धार्थ वर्मा प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इस प्रमोशन के बाद ये अधिकारी आईपीएस कैडर का हिस्सा बन जाएंगे और उन्हें राज्य व केंद्र स्तर पर और अधिक जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा। यह कदम पुलिस प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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