उत्तर प्रदेश

Deoband, में प्राचीन मंदिर विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

Ratna Netam
14 July 2026 3:49 PM IST
Deoband,  में प्राचीन मंदिर विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
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Deoband देवबंद : सहारनपुर जिले के देवबंद में एक कथित प्राचीन शिव मंदिर को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हिंदू रक्षा दल ने देवबंद स्थित एक बावड़ी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का दावा है कि बावड़ी के अंदर एक प्राचीन शिव मंदिर मौजूद है, जिसे बाहर निकालकर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाना चाहिए।

हिंदू रक्षा दल की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले को लेकर पहले भी प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है। संगठन के अनुसार, 21 मई को भी प्रशासन के सामने यह मुद्दा उठाया गया था और बावड़ी के नीचे कथित रूप से मौजूद शिव मंदिर की जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि, अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

निष्पक्ष जांच की मांग

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि बावड़ी की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हिंदू रक्षा दल का कहना है कि यदि जांच में मंदिर होने की पुष्टि होती है तो उसे संरक्षित किया जाए और श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए।

संगठन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि पारदर्शी तरीके से जांच होने पर ही सच्चाई सामने आ सकेगी और आगे की कार्रवाई तय की जा सकेगी।

आस्था से जुड़ा बताया मामला

हिंदू रक्षा दल के मंडल अध्यक्ष शुभम काबोज ने कहा कि यह मामला हिंदू समाज की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच कराई जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। संगठन का उद्देश्य सच्चाई सामने लाना है, ताकि इस विषय पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

इस मामले में अब प्रशासन की भूमिका अहम मानी जा रही है। संगठन की ओर से ज्ञापन सौंपे जाने के बाद सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन जांच को लेकर क्या कदम उठाता है।

स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से फिलहाल जांच या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

विवाद से बचने के लिए सतर्कता जरूरी

ऐसे मामलों में प्रशासन आमतौर पर ऐतिहासिक तथ्यों, दस्तावेजों और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेता है। किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए प्रमाण और जांच प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जाता है।

फिलहाल देवबंद की बावड़ी को लेकर हिंदू रक्षा दल की मांग के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। अब प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई से ही इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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