- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- UP: में इंसानियत की...
उत्तर प्रदेश
UP: में इंसानियत की मिसाल गैरों ने बुजुर्ग को दी अंतिम विदाई
Ratna Netam
16 Aug 2026 7:32 PM IST

x
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में 70 वर्षीय राजकुमार सक्सेना की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार से जुड़ा भावुक मामला सामने आया है। पत्नी, तीन बेटों और एक बेटी के जीवित होने के बावजूद परिवार का कोई सदस्य उनका शव लेने अस्पताल नहीं पहुंचा। करीब 72 घंटे तक इंतजार करने के बाद रक्तदाता समूह और पुलिस ने यमुना घाट पर हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया। हालांकि परिवार के सदस्यों की ओर से इस मामले में अब तक कोई प्रत्यक्ष बयान सामने नहीं आया है।
राजकुमार सक्सेना मूल रूप से एटा जिले के मारहरा क्षेत्र के रहने वाले थे। बताया गया है कि वह कभी संपन्न कारोबारी थे, लेकिन पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियां बदलने के बाद उनका जीवन कठिन हो गया। पिछले करीब दो वर्षों से वह एटा के एक वृद्धाश्रम में रह रहे थे। तबीयत खराब होने के बाद उन्हें 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में भर्ती कराया गया था।
कई दिनों तक चले उपचार के बाद 12 अगस्त को राजकुमार सक्सेना की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने उनके परिजनों को सूचना देने के लिए दस्तावेजों की जांच की। कोई परिजन अस्पताल में मौजूद नहीं होने के कारण मामले की जानकारी अनजान शवों का अंतिम संस्कार कराने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने वाले रक्तदाता समूह को दी गई।
समूह के संस्थापक शरद तिवारी और उनके साथियों ने राजकुमार के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर परिवार को खोजने का प्रयास किया। दस्तावेजों में उनके बेटे कुबेर सक्सेना का नाम और गाजियाबाद के नंदग्राम क्षेत्र का पता मिला। समूह के सदस्यों ने फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया। संस्था से जुड़े लोगों का दावा है कि शुरुआती बातचीत में बेटे ने पहचान स्वीकार नहीं की और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। इस दावे पर बेटे की स्वतंत्र प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के काउंसलर डॉ. मनोज मौर्य ने भी परिवार से संपर्क कर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने राजकुमार की पत्नी, तीनों बेटों और बेटी से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की। संस्था और पुलिस के अनुसार, इन प्रयासों के बावजूद परिवार का कोई सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा।
परिवार की तलाश के दौरान राजकुमार के भतीजे पंकज सक्सेना से संपर्क हुआ। उन्होंने बताया कि राजकुमार के बेटे कुबेर, भारत और धादू गाजियाबाद में रहते हैं। उनकी पत्नी और एक बेटी भी जीवित हैं। रक्तदाता समूह के सदस्य जब दस्तावेजों में दर्ज नंदग्राम के पते पर पहुंचे तो घर पर ताला मिला। पड़ोसियों ने कथित रूप से बताया कि मकान कुबेर सक्सेना का है, लेकिन वहां परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला।
राजकुमार के पारिवारिक जीवन और संपत्ति विवाद को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में परिवार के भीतर लंबे समय से आर्थिक और आपसी विवाद होने की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का विस्तृत पक्ष सामने आए बिना उनके अनुपस्थित रहने के वास्तविक कारण के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
परिवार के किसी सदस्य के आने की उम्मीद में राजकुमार का शव करीब 72 घंटे तक अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखा गया। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद स्वतंत्रता दिवस की शाम करीब पांच बजे शव को इटावा के यमुना घाट ले जाया गया। वहां शरद तिवारी, रक्तदाता समूह के दूसरे सदस्यों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हिंदू परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
समूह के सदस्य आदित्य शाक्य ने घटना को भावुक करने वाला बताते हुए कहा कि परिवार के मौजूद होने के बावजूद किसी बुजुर्ग का अंतिम संस्कार सामाजिक संस्था को कराना पड़े, ऐसा मामला उन्होंने पहली बार देखा। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पुलिस चौकी प्रभारी राजीव कुमार ने भी दस्तावेजों के आधार पर परिवार से संपर्क करने के प्रयास किए जाने की जानकारी दी।
यह घटना बुजुर्गों की देखभाल, पारिवारिक विवादों और वृद्धाश्रमों की भूमिका को लेकर गंभीर प्रश्न उठाती है। साथ ही रक्तदाता समूह और पुलिस की पहल ने यह सुनिश्चित किया कि राजकुमार सक्सेना को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिल सके।
TagsHumanityexamplestrangerselderlyfinalfarewell.इंसानियतमिसालगैरोंबुजुर्गअंतिमविदाईजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





