उत्तर प्रदेश

Security checks के बीच कार्रवाई तेज, MDA ने दोबारा लगाई सील

Ratna Netam
7 July 2026 7:12 PM IST
Security checks के बीच कार्रवाई तेज, MDA ने दोबारा लगाई सील
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Meerut मेरठ : मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने सोमवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए बच्चा पार्क स्थित चाणक्य कोचिंग सेंटर को दोबारा सील कर दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कुछ दिन पहले सेंटर की सील खोले जाने का मामला सामने आया था। सील खुलने के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों ने एमडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया था। इसके बाद प्राधिकरण ने दोबारा कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद शासन स्तर से प्रदेशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था और भवन मानकों की जांच के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में मेरठ में भी कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू की गई थी। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और एडीएम सिटी बृजेश सिंह की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया था।इस टीम में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए), विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था। टीम द्वारा शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों, भवन की स्थिति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही थी।

जांच के दौरान बच्चा पार्क स्थित चाणक्य कोचिंग सेंटर में भी कई बिंदुओं की जांच की गई थी। इसके बाद एमडीए की ओर से कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया गया था। हालांकि, कुछ दिन बाद सेंटर की सील खुलने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि एक बड़े अधिकारी के फोन के बाद सील खोली गई थी। इस मामले को लेकर अन्य कोचिंग संचालकों ने आपत्ति जताई और प्राधिकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाए।कोचिंग संचालकों का कहना था कि यदि किसी संस्थान पर नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की गई है तो सभी के लिए नियम समान होने चाहिए। उन्होंने सील खोलने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया था।

मामला सामने आने के बाद एमडीए अधिकारियों ने फिर से कार्रवाई की और सोमवार शाम चाणक्य कोचिंग सेंटर को दोबारा सील कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई पूरी की।एमडीए अधिकारियों का कहना है कि शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की जांच लगातार जारी है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों या भवन नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच टीम द्वारा सभी कोचिंग सेंटरों की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।चाणक्य कोचिंग सेंटर पर दोबारा हुई सीलिंग की कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हलचल बढ़ गई है। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए अब संस्थान संचालक सुरक्षा मानकों और नियमों को पूरा करने में जुट गए हैं।

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