उत्तर प्रदेश

मैदान की आस में अमेठी के युवा, योजना बनी फाइलों की शोभा

Saba Naaz
14 July 2026 6:41 PM IST
मैदान की आस में अमेठी के युवा, योजना बनी फाइलों की शोभा
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जगदीशपुर (अमेठी)। ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘सक्षम युवा’ योजना अमेठी जिले में चार साल बाद भी धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। योजना के तहत गांवों में खेल मैदान और ओपन जिम विकसित किए जाने थे, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह योजना अभी भी कई ग्राम पंचायतों में फाइलों तक सीमित नजर आ रही है।

ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में युवा खेलों में रुचि रखते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा है। गांवों में खेल मैदान और अभ्यास की उचित व्यवस्था नहीं होने से युवा मजबूरी में खाली जगहों या सीमित संसाधनों के सहारे अपनी तैयारी करने को मजबूर हैं।

लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 में शामिल इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के माध्यम से खेल मैदान और ओपन जिम विकसित किए जाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए खेल मैदान के लिए जमीन चिन्हित करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी गई थी, जबकि निर्माण कार्य मनरेगा के जरिए कराया जाना था।

योजना का उद्देश्य था कि ग्रामीण युवाओं को गांव स्तर पर ही खेल की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान मिलने के साथ ही उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके। लेकिन चार साल बीतने के बाद भी जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में योजना का लाभ युवाओं तक नहीं पहुंच पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि खेल मैदान और ओपन जिम बनने से युवाओं को न सिर्फ खेल अभ्यास का स्थान मिलेगा, बल्कि वे शारीरिक रूप से भी मजबूत बन सकेंगे। वर्तमान में कई गांवों में युवाओं के पास खेलने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है, जिसके कारण खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय स्तर पर कुछ जगहों पर जमीन चिन्हित किए जाने की प्रक्रिया हुई, लेकिन निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। कई ग्राम पंचायतों में अब भी खेल मैदान के लिए जमीन उपलब्ध कराने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने का काम लंबित है।

खेल प्रेमियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। अगर गांवों में खेल मैदान और ओपन जिम विकसित किए जाएं तो युवा बेहतर तैयारी कर सकते हैं और जिले का नाम खेल जगत में रोशन कर सकते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से समय-समय पर योजना को गति देने की बात कही जाती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी बड़ी संख्या में गांवों में काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीण युवा अब भी खेल सुविधाओं के इंतजार में हैं और ‘सक्षम युवा’ योजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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