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दिल्ली-मेरठ मार्ग पर एंबुलेंस ने कांवड़ियों की ट्रॉली में मारी टक्कर

गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर सोमवार सुबह एक हादसे के बाद काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। रेलवे रोड के सामने एक एंबुलेंस ने कांवड़ियों की ट्रॉली में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कांवड़ खंडित हो गई। कांवड़ टूटने से नाराज कांवड़ियों ने एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट की और सड़क पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस करीब 50 मिनट तक मौके पर फंसी रही।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रेलवे रोड के सामने एक एंबुलेंस पीछे से आई और कांवड़ियों की ट्रॉली से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कांवड़ियों में आक्रोश फैल गया।
बताया जा रहा है कि टक्कर के कारण ट्रॉली में रखी कांवड़ क्षतिग्रस्त हो गई। कांवड़ खंडित होने को श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला माना और वे नाराज हो गए। गुस्साए कांवड़ियों ने एंबुलेंस चालक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
हादसे के बाद मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। सड़क पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। कांवड़ियों ने एंबुलेंस चालक के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी आगे नहीं बढ़ सकी और करीब 50 मिनट तक मौके पर खड़ी रही।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एंबुलेंस में एक मरीज मौजूद था, जिसे उपचार के लिए ले जाया जा रहा था। हंगामे के कारण मरीज को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कांवड़ियों को समझाया और मामला शांत कराया। इसके बाद एंबुलेंस को वहां से रवाना कराया गया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है। ऐसे में किसी भी दुर्घटना के बाद स्थिति संवेदनशील हो जाती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब कांवड़ यात्रा चल रही हो और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर मौजूद हों। प्रशासन की कोशिश रहती है कि यात्रा सुचारु रूप से चले और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
इस घटना ने एक बार फिर कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा की चुनौती को सामने ला दिया है। जहां एक ओर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी है, वहीं दूसरी ओर आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों के सुचारु संचालन को भी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दी जाए। अधिकारियों का कहना है कि विवाद या मारपीट से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। हादसे के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कुछ समय के लिए बनी तनावपूर्ण स्थिति अब सामान्य हो गई है। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही है।





