उत्तर प्रदेश

Saharanpur के शिल्पकार का कमाल, वन मंत्री के जरिए सीएम तक पहुंची कलाकृति

Ratna Netam
12 July 2026 6:39 PM IST
Saharanpur के शिल्पकार का कमाल, वन मंत्री के जरिए सीएम तक पहुंची कलाकृति
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Saharanpur सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के पौधारोपण महायज्ञ-2026 के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सहारनपुर की विश्वप्रसिद्ध लकड़ी नक्काशी कला को विशेष पहचान मिली। प्रदेश के वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कल्पतरु वृक्ष की लकड़ी पर तैयार की गई एक आकर्षक नक्काशीदार कलाकृति भेंट की। इस उत्कृष्ट कलाकृति को देखकर मुख्यमंत्री ने इसकी खुले शब्दों में प्रशंसा की और इसे तैयार करने वाले सहारनपुर के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कारीगर मोहम्मद असलम सैफी के हुनर की सराहना की।

यह विशेष कलाकृति मोहम्मद असलम सैफी और उनके पुत्र अरशद सैफी ने संयुक्त रूप से तैयार की है। दोनों ने आम की नरम लकड़ी पर बेहद बारीक और आकर्षक नक्काशी करते हुए इस कलाकृति को तैयार किया। कारीगरों के अनुसार इसे बनाने में लगभग एक सप्ताह का समय लगा, जबकि करीब 72 घंटे तक लगातार मेहनत कर इसकी बारीक नक्काशी पूरी की गई।

गोरखपुर में आयोजित पौधारोपण महायज्ञ-2026 कार्यक्रम के दौरान वन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने यह कलाकृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कलाकृति की सुंदरता, बारीक कारीगरी और कल्पतरु वृक्ष के सांस्कृतिक महत्व की सराहना करते हुए इसे सहारनपुर की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

मोहम्मद असलम सैफी ने बताया कि उन्होंने यह कलाकृति कार्यक्रम से दो दिन पहले सहारनपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) के माध्यम से वन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना तक भिजवाई थी। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनकी कला को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला और मुख्यमंत्री ने स्वयं इसकी प्रशंसा की।

सहारनपुर की लकड़ी पर नक्काशी की कला देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान रखती है। यहां के कारीगर वर्षों से पारंपरिक तकनीकों और आधुनिक डिजाइनों के मेल से ऐसी कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जाता है। इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सहारनपुर के कारीगर अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों और शिल्पकारों ने भी मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रशंसा को सहारनपुर के हस्तशिल्प उद्योग के लिए सम्मानजनक बताया है। उनका कहना है कि इससे न केवल कारीगरों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि जिले की विश्वप्रसिद्ध वुड कार्विंग कला को भी नई पहचान मिलेगी।

पौधारोपण महायज्ञ जैसे पर्यावरण संरक्षण के अभियान में कल्पतरु वृक्ष की कलात्मक प्रस्तुति ने प्रकृति और भारतीय शिल्पकला के सुंदर समन्वय को भी प्रदर्शित किया। यह कलाकृति न केवल कला का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक मानी जा रही है।

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