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काजीसरांय की चाय दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप, 1900 रुपये लूटने की शिकायत

वाराणसी। थाना क्षेत्र के काजीसरांय में स्थित एक चाय और कोल्ड ड्रिंक की दुकान में रविवार दोपहर बाद मारपीट, तोड़फोड़ और रुपये लूटने का मामला सामने आया है। दुकान संचालक ने कुछ नामजद युवकों समेत करीब 20 अन्य लोगों पर रंगदारी मांगने और दुकान में काम करने वाले युवक पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद भयभीत दुकान संचालक ने स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार काजीसरांय में एक एयूटी स्टॉल पर चाय और कोल्ड ड्रिंक की दुकान संचालित होती है। रविवार दोपहर बाद कथित रूप से लाठी-डंडों से लैस कई युवक दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने दुकान पर पहुंचते ही रंगदारी की मांग की। इस दौरान दुकान पर मौजूद कर्मचारी से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी और वहां काम करने वाले युवक के साथ मारपीट की।
पीड़ित दुकान संचालक शशांक द्विवेदी ने घटना के संबंध में स्थानीय थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया है। शिकायत के मुताबिक शशांक काजीसरांय में कोल्ड ड्रिंक और चाय की दुकान चलाते हैं। घटना के समय रवि गुप्ता नाम का युवक दुकान पर काम कर रहा था। आरोप है कि अहरक पाही निवासी उत्कर्ष सिंह और शिवम सिंह अपने करीब 20 अन्य साथियों के साथ दुकान पर पहुंचे थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने दुकान में काम करने वाले रवि गुप्ता को निशाना बनाते हुए उस पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से की गई मारपीट के कारण दुकान में अफरा-तफरी मच गई। अचानक बड़ी संख्या में युवकों के पहुंचने और हमला करने से दुकान पर मौजूद लोग घबरा गए। आरोपियों ने दुकान के भीतर रखे सामान में भी तोड़फोड़ की। हालांकि तोड़फोड़ से दुकान संचालक को हुए कुल आर्थिक नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
शशांक द्विवेदी ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि हमलावर दुकान से 1900 रुपये भी लूटकर ले गए। उनका कहना है कि रंगदारी की मांग पूरी नहीं होने पर दुकान में तोड़फोड़ और कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद आरोपी मौके से चले गए। इस पूरी घटना से दुकान संचालक और वहां काम करने वाले कर्मचारियों में भय का माहौल है।
दुकान संचालक ने थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी और लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में नामजद आरोपियों के साथ उनके अन्य साथियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। दुकान संचालक ने आरोपियों से अपनी और दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
घटना से जुड़े आरोप गंभीर हैं, लेकिन शिकायत में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस को यह पता लगाना है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और रंगदारी मांगने का आरोप कितना सही है। इसके साथ ही दुकान में हुई कथित तोड़फोड़, मारपीट और 1900 रुपये ले जाने के आरोप की भी जांच की जा रही है।
मामले में दुकान पर मौजूद लोगों तथा आसपास के संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि घटनास्थल या आसपास किसी प्रतिष्ठान में निगरानी कैमरे लगे हैं या नहीं। यदि घटना का कोई वीडियो या सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होता है तो उससे घटनाक्रम और मौके पर मौजूद लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने दुकान संचालक का प्रार्थना पत्र लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक नामजद युवकों की गिरफ्तारी या उनके पक्ष के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। इसलिए शिकायत में दर्ज आरोपों को जांच के अधीन माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर हुई इस घटना के बाद दुकानदारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। दिनदहाड़े दुकान में पहुंचकर रंगदारी मांगने, मारपीट करने और रुपये लूटने के आरोप से आसपास के व्यापारियों में भी बेचैनी है। पीड़ित पक्ष को अब पुलिस की जांच और कार्रवाई का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घटना के पीछे तत्काल विवाद था या रंगदारी को लेकर पहले से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था।





