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Supertech स्पोर्ट्स सिटी में लापरवाही का आरोप, लिफ्ट हादसे से नाराज निवासी

Meerut मेरठ : मोदीपुरम स्थित सुपरटेक स्पोर्ट्स सिटी सोसाइटी में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद एक लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुक गई। लिफ्ट में पुरुषों, महिलाओं और छोटे बच्चों समेत कई लोग करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस सिस्टम को लेकर निवासियों में भारी नाराजगी है।
जानकारी के मुताबिक, सुपरटेक स्पोर्ट्स सिटी के एफ-1 टॉवर में 14 मंजिलें हैं और यहां 206 फ्लैट बने हुए हैं। टॉवर में आने-जाने के लिए केवल दो लिफ्ट संचालित हैं। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक पूरी सोसाइटी की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
निवासियों का आरोप है कि बिजली जाने के बाद मेंटेनेंस विभाग ने बैकअप के लिए चल रहे जेनरेटर को भी बंद कर दिया, जिसके कारण लिफ्ट बीच मंजिल में जाकर अटक गई। उस समय लिफ्ट में कई लोग मौजूद थे, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे।
लिफ्ट में फंसे लोगों के अनुसार, बिजली गुल होने के कारण अंदर की इमरजेंसी लाइट और पंखा भी काम करना बंद कर चुके थे। उमस और घुटन भरे माहौल में लोग परेशान हो गए। काफी देर तक बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलने से अंदर मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। बच्चों और महिलाओं की हालत भी खराब होने लगी।
लिफ्ट में फंसे लोगों ने मदद के लिए आवाज लगाई। सूचना मिलने के बाद सोसाइटी के गार्ड और अन्य निवासी मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और अंदर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
हालांकि, इस घटना ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों का कहना है कि लिफ्ट में ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) जैसी जरूरी सुरक्षा प्रणाली तक उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि अगर एआरडी सिस्टम लगा होता तो बिजली जाने की स्थिति में लिफ्ट अपने आप नजदीकी मंजिल तक पहुंच जाती और दरवाजा खुल जाता।
निवासियों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी प्रबंधन की ओर से लिफ्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि शुरुआत में सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और जरूरी प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिए जाते हैं, लेकिन बाद में रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता।
घटना के बाद सोसाइटी के लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विद्युत सुरक्षा ऑडिट टीम और संबंधित विभाग से सोसाइटी का निरीक्षण करने की अपील की है।
निवासियों की मांग है कि लिफ्ट, बिजली बैकअप सिस्टम, जेनरेटर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार प्रबंधन और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लिफ्ट जैसी सुविधाएं रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से जल्द कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।





