उत्तर प्रदेश

Noida वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट में आवंटन घोटाले के आरोप, दस्तावेजों से सामने आई अनियमितताएं

Kavita2
22 Jun 2026 12:08 PM IST
Noida वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट में आवंटन घोटाले के आरोप, दस्तावेजों से सामने आई अनियमितताएं
x

नोएडा सेक्टर-90 में स्थित नोएडा वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट में आवंतियों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े डॉक्यूमेंट सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। प्रोजेक्ट में फ्लोर प्लान और ऑपरेशन स्पेस आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं।

नोएडा के सेक्टर-90 में स्थित इस प्रोजेक्ट में पहले फ्लोर पर तीन टावरों में लगभग 4500 वर्ग मीटर एरिया में ऑपरेशन प्लेसमेंट की जगह ऑफिस स्पेस बेचने का आरोप है। जबकि आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार भूतल और पहली मंजिल के बीच कोई अतिरिक्त फ्लोर मंजूर ही नहीं था।

जानकारी के अनुसार, बिल्डर द्वारा बिना अनुमति के एक अतिरिक्त अपर ग्राउंड फ्लोर भी तैयार किया गया, जो स्वीकृत मैप के अनुरूप नहीं है। यह बदलाव प्रोजेक्ट के लेआउट और मंजूरी शर्तों के खिलाफ बताया जा रहा है।

नोएडा वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट में यह भी आरोप सामने आया है कि दूसरी मंजिल से ऑफिस स्पेस शुरू होना था, लेकिन वास्तव में इसे पहली मंजिल से ही शुरू कर दिया गया। इस बदलाव के चलते आवंतियों के बीच असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।

आवंतियों का कहना है कि उन्हें जिस प्रकार की कार्यशील संपत्ति का वादा किया गया था, वह वास्तविक निर्माण और आवंटन से मेल नहीं खाती। कई इंजीनियरों ने दावा किया है कि दस्तावेजों और साइट पर मौजूद स्ट्रक्चर में बड़ा अंतर है, जिससे विस्थापन पर सवाल उठ रहे हैं।

इस प्रोजेक्ट में यह भी सामने आया है कि बिल्डर ने खुद का कार्यालय भी इसी फ्लोर पर स्थापित किया है, जहां विवादित ऑफिस स्पेस बनाए गए हैं। इससे आवंतियों के आरोप और मजबूत हो गए हैं कि प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी की गई है।

नोएडा अथॉरिटी की रिपोर्ट में भी भूतल और प्रथम तल के बीच किसी अतिरिक्त स्वीकृत फ्लोर की अनुमति न होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में बदलाव किए जाने को लेकर अब जांच की मांग तेज हो गई है।

इंजीनियरों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है, उन्हें उचित न्याय और मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट में की गई कथित अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कुल मिलाकर, नोएडा वर्ल्ड वन प्रोजेक्ट से जुड़े इन आरोपों ने रियल एस्टेट एरिया में ट्रांसफर और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जांच अब तेज होने की संभावना है।

Next Story