उत्तर प्रदेश

Bharat एनपीके’ नाम से अमोनियम सल्फेट बेचने का आरोप, भाकियू ने मांगी जांच

Ratna Netam
19 July 2026 6:56 PM IST
Bharat   एनपीके’ नाम से अमोनियम सल्फेट बेचने का आरोप, भाकियू ने मांगी जांच
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Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने अमोनियम सल्फेट उर्वरक को कथित रूप से भ्रामक तरीके से “भारत एनपीके” के नाम से बेचने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गन्ना उत्पादक जिलों में किसानों को गलत जानकारी देकर उर्वरक की बिक्री की जा रही है, जिससे किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, कृषि विभाग को पत्र भेजकर मामले में तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा है कि किसानों को मिलने वाले उर्वरकों की गुणवत्ता, उनकी सही पहचान और पैकेजिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

संगठन द्वारा भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, सहारनपुर, हापुड़ सहित कई जिलों में किसानों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि अमोनियम सल्फेट उर्वरक को एनपीके उर्वरक के रूप में प्रचारित कर बेचा जा रहा है। भाकियू का कहना है कि यदि किसी उर्वरक को उसकी वास्तविक पहचान से अलग नाम और पैकेजिंग के माध्यम से बाजार में उतारा जा रहा है तो यह किसानों के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आ सकता है।

किसान संगठन ने कहा कि खेती में उर्वरकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसान अपनी फसल की जरूरत और मिट्टी की स्थिति के अनुसार उर्वरकों का चयन करते हैं। ऐसे में यदि उन्हें किसी उत्पाद की सही जानकारी नहीं दी जाती है तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।

धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों को उर्वरकों की वास्तविक संरचना, उपयोगिता और गुणवत्ता के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच किसी उच्चस्तरीय टीम से कराई जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों में और किस स्तर पर इस प्रकार की बिक्री की जा रही है।

भाकियू ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कंपनियों, विक्रेताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

किसान संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि उर्वरक बिक्री केंद्रों की नियमित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजार में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कृषि उत्पादों की बिक्री हो। साथ ही किसानों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाए, ताकि वे सही उत्पाद की पहचान कर सकें।

फिलहाल इस मामले में सरकार या कृषि विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाकियू (अराजनैतिक) ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं की गई तो संगठन किसानों के हित में आगे की रणनीति तय करेगा। अब नजरें कृषि विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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