उत्तर प्रदेश

Wedding से पहले ब्लैकमेलिंग का आरोप, युवती ने उठाया आत्मघाती कदम

Ratna Netam
20 July 2026 6:40 PM IST
Wedding  से पहले ब्लैकमेलिंग का आरोप, युवती ने उठाया आत्मघाती कदम
x

Varanasi वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी कमिश्नरेट के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र स्थित बड़ी खजुरी गांव से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां 19 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर लगातार ब्लैकमेलिंग, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर बाथरूम क्लीनर पी लिया। गंभीर हालत में उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों के अनुसार, मृतका उजाला राजभर की शादी करीब छह महीने पहले भदोही जिले के एक गांव में तय हुई थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इसी बीच एक युवक द्वारा कथित रूप से लगातार फोन कर उसे परेशान किया जाने लगा। मृतका के भाई धर्मराज ने आरोप लगाया कि राजापुर (चोलापुर) निवासी युवक उसकी बहन पर शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था और ऐसा न करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था।

परिजनों का आरोप है कि युवक युवती को जान से मारने और उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता था। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर युवती के मंगेतर को भी उसकी तस्वीरें और आपत्तिजनक संदेश भेज दिए, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के कारण युवती काफी परेशान रहने लगी थी।

बताया गया कि रविवार दोपहर उजाला ने घर के बाथरूम में रखा क्लीनर पी लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के लोगों ने तत्काल उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका और सोमवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

उजाला अपने परिवार में तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन थी और दूसरे नंबर की संतान थी। उसके पिता नगीना राजभर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटी की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

परिजनों ने पूरे मामले में आरोपी युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कथित प्रताड़ना और धमकियों पर रोक लगाई जाती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, साइबर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान दिलाती है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना और पीड़ितों को कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

Next Story