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Varanasi कैंट स्टेशन पर छात्र से वसूली का आरोप, छोले-भटूरे के दाम को लेकर वीडियो वायरल

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर एक छात्र के साथ कथित रूप से अधिक पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स द्वारा यात्रियों से मनमाने दाम वसूलने को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, बिहार का एक छात्र परीक्षा देने के लिए वाराणसी आया था। वापसी के दौरान वह वाराणसी कैंट स्टेशन पर मौजूद एक खाने-पीने की दुकान से छोले-भटूरे लेने पहुंचा। आरोप है कि विक्रेता ने उससे एक प्लेट के लिए 120 रुपये वसूल लिए, जबकि उसी आइटम की कीमत लगभग 20 रुपये बताई जा रही है।
इस घटना को लेकर छात्र और दुकानदार के बीच बहस भी हुई, जिसका वीडियो किसी यात्री ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मामला चर्चा में आ गया और कई लोगों ने रेलवे स्टेशनों पर हो रही कथित ओवरचार्जिंग पर नाराजगी जताई।
Indian Railways के तहत आने वाले प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जहां यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक कीमत लेने के आरोप लगते रहे हैं। इस ताजा मामले ने एक बार फिर रेलवे की निगरानी व्यवस्था और वेंडर नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
An exam aspirant from Bihar who was promised Chole + 6 Bhature for ₹20 was later charged Rs 120 for the same by a vendor at Varanasi Cantt railway station. He immediately alerted the police and got the refund. pic.twitter.com/pr2QnyBFHf
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) June 22, 2026
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र दुकानदार से बिल को लेकर सवाल कर रहा है और कीमत को लेकर असंतोष जताता है। वहीं, आसपास मौजूद लोग भी इस पूरे घटनाक्रम को देखते नजर आते हैं। वीडियो के सामने आने के बाद कई यूजर्स ने रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर अक्सर फूड स्टॉल्स पर कीमतों को लेकर पारदर्शिता नहीं रहती, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर दूर-दराज से आने वाले छात्र और यात्री अक्सर इस तरह की स्थिति में फंस जाते हैं।
इस मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि क्या रेलवे स्टेशनों पर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। कई लोगों ने सुझाव दिया है कि सभी स्टॉल्स पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए और निगरानी को और मजबूत किया जाना चाहिए।
फिलहाल इस वायरल वीडियो के आधार पर रेलवे प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन मामले के तूल पकड़ने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है। सोशल मीडिया पर बढ़ती प्रतिक्रिया को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले पर संज्ञान लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर रेलवे व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यात्रियों का मानना है कि ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाने से ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।





