उत्तर प्रदेश

बीज विक्रेताओं को अलर्ट, 31 जुलाई तक पंजीकरण अनिवार्य

Ratna Netam
24 July 2026 4:33 PM IST
बीज विक्रेताओं को अलर्ट, 31 जुलाई तक पंजीकरण अनिवार्य
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मुजफ्फरनगर : जिले में बीज कारोबार को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह बनाने के लिए कृषि विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब बीज का स्टॉक, खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और वापसी से जुड़ी सभी गतिविधियां केंद्र सरकार के ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही मान्य होंगी। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से लागू हो जाएगी। इसके तहत जिले के सभी बीज उत्पादकों, डीलरों, वितरकों, निजी फर्मों, सहकारी समितियों और राजकीय बिक्री केंद्रों को 31 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार बीज कारोबार से जुड़े सभी विक्रेताओं को तय समय सीमा के अंदर साथी पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि जो विक्रेता 31 जुलाई तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, वे 1 अगस्त से बीज की बिक्री नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही ऐसे विक्रेताओं के बीज बिक्री लाइसेंस पर भी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार मुजफ्फरनगर जिले में कुल 828 बीज विक्रेता पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक केवल 121 विक्रेताओं ने ही साथी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। बड़ी संख्या में विक्रेताओं का पंजीकरण अभी बाकी है। विभाग ने सभी शेष विक्रेताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कराएं, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बीज कारोबार से जुड़ा हर लेन-देन ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज होगा। बीज का कितना स्टॉक उपलब्ध है, कहां से खरीदा गया, किसे बेचा गया, कहां हस्तांतरित किया गया या वापस किया गया, इन सभी जानकारियों को साथी पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा विक्रेताओं को अपनी स्टॉक पंजिका भी नियमित रूप से अपडेट रखनी होगी, जिससे ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर न रहे।

कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान यदि पोर्टल पर दर्ज स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर और दुकान में मौजूद वास्तविक बीज की मात्रा में अंतर पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से बीज की गुणवत्ता पर नजर रखना आसान होगा और किसानों को सही एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था का असर बीज बिक्री लाइसेंस के नवीनीकरण पर भी पड़ेगा। अब विक्रेताओं को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए साथी पोर्टल से प्राप्त रिकॉर्ड और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यानी भविष्य में बीज कारोबार से जुड़े सभी सरकारी काम डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही पूरे किए जाएंगे।

जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने चेतावनी दी है कि बिना साथी पोर्टल पर पंजीकरण के बीज कारोबार करने वालों के खिलाफ बीज अधिनियम, 1968 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बीज कारोबार में होने वाली अनियमितताओं को रोकना, फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना और किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाना है।

कृषि विभाग ने जिले के सभी बीज विक्रेताओं, उत्पादकों और संस्थानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई 2026 से पहले साथी पोर्टल पर अपना पंजीकरण जरूर पूरा कर लें। विभाग का कहना है कि समय पर पंजीकरण कराने से कारोबार सुचारु रूप से चलता रहेगा और 1 अगस्त से लागू होने वाली नई डिजिटल व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

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