उत्तर प्रदेश

अखिलेश की नजर मायावती के वोट बैंक पर

Saba Naaz
6 July 2026 5:14 PM IST
अखिलेश की नजर मायावती के वोट बैंक पर
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Uttar Pradesh में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 100 विधानसभा सीटों पर दलित उम्मीदवार उतारने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी का यह कदम न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती देने की रणनीति माना जा रहा है, बल्कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के पारंपरिक दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस रणनीति के तहत पार्टी केवल आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि सपा दलित समाज को सिर्फ आरक्षण तक सीमित नहीं देखती, बल्कि उन्हें मुख्यधारा की राजनीति में व्यापक भागीदारी देना चाहती है।

लोकसभा चुनाव 2024 में PDA फॉर्मूले के सफल प्रयोग के बाद सपा का आत्मविश्वास बढ़ा है। उस चुनाव में पार्टी ने कई सीटों पर दलित और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को मौका दिया था, जिसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला था। इसी आधार पर अब पार्टी इस मॉडल को विधानसभा स्तर पर बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना बना रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा की यह रणनीति यूपी की जातीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। खासकर दलित मतदाताओं को साधने की कोशिश से बसपा की राजनीतिक जमीन पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक बसपा की ओर से इस रणनीति पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इस कदम को सपा की उस कोशिश से भी जोड़ा जा रहा है जिसमें वह अपनी छवि को बदलना चाहती है। पार्टी अब खुद को केवल यादव और मुस्लिम वोट बैंक तक सीमित न दिखाकर एक व्यापक सामाजिक गठबंधन वाली पार्टी के रूप में स्थापित करना चाहती है।

हालांकि अभी यह पूरी रणनीति अंदरूनी स्तर पर चर्चा में है और पार्टी की ओर से 100 सीटों या उम्मीदवारों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम स्थिति उम्मीदवार चयन और सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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