उत्तर प्रदेश

चंपत राय को लेकर अखिलेश का बड़ा हमला, सियासी बवाल

Saba Naaz
9 July 2026 3:10 PM IST
चंपत राय को लेकर अखिलेश का बड़ा हमला, सियासी बवाल
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लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश यादव ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन सभी लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए जो मंदिर व्यवस्था से जुड़े अहम पदों पर हैं।

सपा प्रमुख ने एसआईटी जांच को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम और भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से चंपत राय का नाम लेते हुए पूछा कि यदि जांच निष्पक्ष है तो सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल क्यों नहीं की जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रतीक हैं। उन्होंने समाज को सत्य, ईमानदारी और मर्यादा का संदेश दिया है। ऐसे में भगवान के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में किसी भी तरह की गड़बड़ी का आरोप बेहद गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा हुआ मुद्दा है। सनातन परंपरा में भगवान को समर्पित वस्तुओं और चढ़ावे का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसकी पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कथित गड़बड़ी कितनी राशि की है और इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं के मन में किसी तरह का भ्रम न रहे।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति ने भगवान राम के नाम पर आए चढ़ावे में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।

वहीं, अखिलेश यादव के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां सपा निष्पक्ष जांच और सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं इस मामले को लेकर आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर भी नजर बनी हुई है। राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े इस विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें जांच की आगे की कार्रवाई और इस मामले में आने वाले नए तथ्यों पर टिकी हैं।

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