उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव का बड़ा आरोप BJP सरकार संविधान की भावना के खिलाफ

Ratna Netam
7 Sept 2026 6:10 PM IST
अखिलेश यादव का बड़ा आरोप BJP सरकार संविधान की भावना के खिलाफ
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री **अखिलेश यादव** ने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग संविधान और कानून के मुताबिक काम नहीं कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि सत्ता हमेशा किसी के पास नहीं रहती और जो लोग आज कानून को नहीं मान रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में कानून मानना पड़ेगा।
अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी, निवेश और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी समस्याओं पर अपनी कथित नाकामी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए प्रदेश को सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
आज कानून नहीं मान रहे, कल मानेंगे'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में संविधान और कानून सर्वोपरि हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं।
अखिलेश ने कहा, **"जो लोग आज कानून नहीं मान रहे हैं, वे कल कानून मानेंगे।"** उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई मामलों में कानून और संवैधानिक व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है।
सपा प्रमुख ने अधिकारियों को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दबाव में आने के बजाय कानून के मुताबिक काम करना चाहिए।
सहारनपुर मस्जिद मामले पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव का बयान ऐसे समय आया है जब सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण सरकारी जमीन पर अनधिकृत था और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। वहीं विपक्ष इस कार्रवाई की टाइमिंग और तरीके पर सवाल उठा रहा है।
अखिलेश यादव ने पूछा कि मस्जिद को हटाने की इतनी जल्दी क्या थी? उनका कहना था कि संबंधित पक्ष अगर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता तो उसे कानूनी विकल्प इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए था।
सपा प्रमुख पहले भी इस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना कर चुके हैं। उनका आरोप है कि सरकार इस तरह के मुद्दों के जरिए समाज में विभाजन पैदा करना चाहती है।
महंगाई-बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में सफल नहीं हुई है।
उन्होंने निवेश को लेकर भी सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। सपा अध्यक्ष का कहना था कि अगर सरकार ने अपने कार्यकाल में रोजगार, निवेश और आर्थिक मुद्दों पर बेहतर काम किया होता तो उसे धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर दूसरे विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
अधिकारियों को लेकर भी दिया संदेश
सपा अध्यक्ष ने प्रदेश के अधिकारियों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी संविधान और कानून के मुताबिक काम करने की है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सत्ता बदलती रहती है और अधिकारियों को अपने फैसलों के लिए जवाब देना पड़ सकता है।
अखिलेश यादव का आरोप था कि कुछ अधिकारी सरकार के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हालांकि यह सपा प्रमुख का राजनीतिक आरोप है और संबंधित अधिकारियों या सरकार की ओर से इन टिप्पणियों पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई सियासत
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार को संविधान, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है।
वहीं सहारनपुर मस्जिद का मामला भी विपक्ष और सरकार के बीच नए राजनीतिक टकराव की वजह बन गया है। प्रशासन कार्रवाई को कानून के तहत बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।
अखिलेश यादव के ताजा बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में **संविधान और कानून के पालन** का मुद्दा भी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक लड़ाई का अहम हिस्सा बनने वाला है।
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