उत्तर प्रदेश

पीडीए रथ पर सवार होंगे अखिलेश यादव

Kavita2
24 Sept 2026 9:13 AM IST
पीडीए रथ पर सवार होंगे अखिलेश यादव
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लखनऊ/रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रायबरेली में पहली बार पार्टी के नए ‘पीडीए रथ’ पर सवार होकर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करेंगे। आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इस कार्यक्रम को सपा के जनसंपर्क अभियान की अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी अपने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के राजनीतिक-सामाजिक समीकरण को लेकर प्रदेश में अभियान तेज करने की तैयारी में है। गुरुवार का कार्यक्रम इस नए प्रचार वाहन की पहली सार्वजनिक यात्रा होगी।

रायबरेली को यात्रा की शुरुआत के लिए चुनना राजनीतिक रूप से चर्चा में है। यह लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है और लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख राजनीतिक क्षेत्रों में शामिल रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस विपक्षी गठबंधन में सहयोगी रहे हैं, ऐसे में सपा की पीडीए यात्रा की शुरुआत रायबरेली से होने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि, यात्रा का घोषित फोकस पार्टी के पीडीए अभियान और स्थानीय संगठन को सक्रिय करने पर है।

रायबरेली की राजनीति पिछले कुछ दिनों से फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में हुए विवाद के कारण भी गरमाई हुई है। 17 सितंबर को कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच सदस्यता अभियान को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी टकराव की स्थिति बनी। मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब सपा विधायकों ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाए। पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।

इसी घटनाक्रम के बाद अखिलेश यादव ने रायबरेली जाने की घोषणा की थी। कार्यक्रम के मुताबिक वह हरचंदपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक राहुल लोधी के आवास पर भी जाएंगे। अखिलेश यादव वहां विधायक और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। पार्टी नेतृत्व इस दौरे के जरिए स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेगा।

अखिलेश यादव का कार्यक्रम रायबरेली में संगठन को सक्रिय करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं और इनमें हरचंदपुर, बछरावां और सरेनी सीट वर्तमान में समाजवादी पार्टी के पास हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी अपने मौजूदा आधार को मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में सक्रिय करना चाहती है।

पीडीए की रणनीति समाजवादी पार्टी की चुनावी राजनीति का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। पार्टी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को एक साझा राजनीतिक मंच पर जोड़ने की कोशिश करती रही है। अब पीडीए रथ के माध्यम से इस संदेश को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी है। रायबरेली से शुरुआत के बाद रथ को प्रदेश के अन्य हिस्सों में ले जाने की योजना भी बताई गई है।

अखिलेश यादव के लिए खास तौर पर तैयार किए गए इस प्रचार वाहन को ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ से जोड़ा गया है। पार्टी का प्रयास है कि रथयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद हो और स्थानीय स्तर के मुद्दों को भी उठाया जाए। विधानसभा चुनाव से पहले सपा के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा और ऐसे कार्यक्रमों को उसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

रायबरेली में अखिलेश यादव का कार्यक्रम सिर्फ रथयात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार वह चुरुआ क्षेत्र से पीडीए रथ पर सवार होकर आगे बढ़ेंगे और दोपहर करीब डेढ़ बजे विधायक राहुल लोधी के आवास पहुंचेंगे। वहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात और स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत का कार्यक्रम है। शाम को उनके लखनऊ लौटने का कार्यक्रम है।

इस यात्रा के साथ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर समाजवादी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होती दिखाई दे रही हैं। रायबरेली में हालिया छात्र संगठन विवाद, स्थानीय सपा नेताओं की सक्रियता और पीडीए अभियान—इन सभी के बीच अखिलेश यादव का दौरा पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में पीडीए रथ किन जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से गुजरता है, इस पर भी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं की नजर रहेगी।

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