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उत्तर प्रदेश
INDIA गठबंधन की एकता पर अखिलेश यादव का BJP पर निशाना
Ratna Netam
30 Sept 2026 3:11 PM IST

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लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन के दलों का एक साथ आना भाजपा की परेशानी की वजह है। अखिलेश यादव खुद इस बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन समाजवादी पार्टी की ओर से दो सांसदों ने बैठक में प्रतिनिधित्व किया।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर INDIA गठबंधन की एकजुटता को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “यही भाजपा का दुख है कि ‘INDIA’ गठबंधन एकजुट हो गया है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया जब दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR समेत कई चुनावी मुद्दों पर चर्चा की गई।
अखिलेश यादव बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं थे। समाजवादी पार्टी की तरफ से सांसद हरेंद्र मलिक और मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक से पहले भी जानकारी सामने आई थी कि अखिलेश यादव अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण इसमें शामिल नहीं होंगे, लेकिन पार्टी के प्रतिनिधि विपक्षी दलों के साथ होने वाली चर्चा में मौजूद रहेंगे।
INDIA गठबंधन की बैठक का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में SIR से पहले की मतदाता सूचियों के इस्तेमाल की मांग रखी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची में होने वाले बदलावों की जानकारी उपलब्ध कराने की बात भी कही। ये विपक्ष की मांगें हैं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं।
बैठक में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार करीब 19 से 20 विपक्षी दल इस बैठक का हिस्सा बने। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त कार्यक्रमों की रूपरेखा भी सामने रखी। INDIA गठबंधन की ओर से 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ आयोजित करने की घोषणा की गई है। इसके जरिए विपक्ष मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी मांगों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अखिलेश यादव का बयान विपक्षी एकता पर केंद्रित रहा। उन्होंने सीधे तौर पर दावा किया कि INDIA गठबंधन का एकजुट होना भाजपा की चिंता का कारण है। यह समाजवादी पार्टी प्रमुख का राजनीतिक आकलन है। भाजपा की ओर से विपक्षी गठबंधन की एकता को लेकर अलग प्रतिक्रिया सामने आती रही है और उसके नेताओं ने विपक्षी दलों के बीच मतभेद होने के दावे किए हैं।
INDIA गठबंधन की बैठक ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बनी हुई है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और अधिक पारदर्शिता की मांग की है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली मतदाता सूची के इस्तेमाल समेत कई मांगें सामने रखीं।
समाजवादी पार्टी भी चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रही है। हालांकि बुधवार की बैठक में अखिलेश यादव की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही, लेकिन पार्टी ने अपने सांसदों को भेजकर बैठक में भागीदारी सुनिश्चित की। इससे सपा ने संकेत दिया कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर INDIA गठबंधन की साझा चर्चा का हिस्सा बनी हुई है।
बैठक में विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति और संयुक्त विरोध कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष समेत गठबंधन के नेताओं ने इन मुद्दों को केवल चुनाव तक सीमित नहीं बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ा। ये विपक्षी नेताओं के आरोप और राजनीतिक दावे हैं, जिन पर चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष का दृष्टिकोण अलग रहा है।
आने वाले दिनों में विपक्ष की ओर से घोषित कार्यक्रमों के कारण SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। अलग-अलग विपक्षी दल इन विषयों पर साझा कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। अखिलेश यादव के बयान ने भी विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाया है।
फिलहाल समाजवादी पार्टी प्रमुख ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साफ किया है कि वह INDIA गठबंधन की एकजुटता को महत्वपूर्ण मान रहे हैं। बैठक में खुद मौजूद नहीं रहने के बावजूद उन्होंने अपने दो सांसदों को भेजा और बाद में भाजपा पर निशाना साधते हुए विपक्षी एकता को लेकर प्रतिक्रिया दी। दिल्ली की इस बैठक के बाद अब विपक्ष का जोर SIR और चुनाव आयोग से जुड़े अपने मुद्दों को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने पर है।
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