- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- पश्चिमी यूपी में...
उत्तर प्रदेश
पश्चिमी यूपी में चुनावी अभियान का आगाज करेंगे अखिलेश
Ratna Netam
14 Aug 2026 5:03 PM IST

x
सहारनपुर : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे दौरों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी क्षेत्र में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। अखिलेश यादव छह सितंबर को सहारनपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी इस रैली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने चुनावी अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देख रही है।
समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित रैली के आयोजन और तैयारियों की जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रूद्रसेन को दी गई है। पार्टी नेताओं ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संपर्क शुरू कर दिया है। गांव, कस्बों और शहरी इलाकों में बैठकों के माध्यम से लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की जा रही है।
चौधरी रूद्रसेन के अनुसार, जनसभा के लिए सहारनपुर नगर की दिल्ली रोड पर बड़े मैदान का चयन किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि जनसभा का अंतिम स्थान, प्रशासनिक अनुमति और यातायात व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारी औपचारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी। रैली की तारीख और सहारनपुर से चुनाव अभियान शुरू करने की तैयारी की पुष्टि [यूनीवार्ता](https://www.univarta.com/story/States/news/3942311.html) की रिपोर्ट में भी की गई है।
समाजवादी पार्टी इस जनसभा के माध्यम से सहारनपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ और बिजनौर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राजनीतिक संदेश देना चाहती है। पार्टी का प्रयास संगठन को सक्रिय करने, विभिन्न सामाजिक वर्गों को अपने साथ जोड़ने और सपा-कांग्रेस गठबंधन की ताकत का प्रदर्शन करने का है। अखिलेश यादव रैली में प्रदेश सरकार की नीतियों के साथ महंगाई, बेरोजगारी, किसान, कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे उठा सकते हैं।
चौधरी रूद्रसेन के परिवार का सहारनपुर की राजनीति से पुराना संबंध रहा है। उनके पिता चौधरी यशपाल सिंह सहारनपुर से सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके थे। वह क्षेत्र में बड़ी राजनीतिक रैलियों के आयोजन और गुर्जर समाज में प्रभाव के लिए जाने जाते थे। उनके बेटे चौधरी रूद्रसेन और चौधरी इंद्रसेन भी समाजवादी पार्टी के लिए इससे पहले कई बड़े कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।
पार्टी नेताओं के मुताबिक, अखिलेश यादव की एक जनसभा 10 अक्टूबर 2017 को तीतरों क्षेत्र में आयोजित की गई थी। इसके बाद भी सहारनपुर में उनके बड़े कार्यक्रम कराए गए। इस बार पार्टी कार्यक्रम को पहले की सभाओं से अधिक व्यापक बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्र स्तर पर जिम्मेदारियां बांटे जाने की संभावना है।
सहारनपुर का सामाजिक और राजनीतिक समीकरण इस रैली को महत्वपूर्ण बनाता है। जिले में मुस्लिम, दलित, गुर्जर और सैनी मतदाताओं की प्रभावशाली उपस्थिति है। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में इन समुदायों का राजनीतिक प्रभाव बदलता रहता है। समाजवादी पार्टी मुस्लिम, दलित, पिछड़े और गुर्जर मतदाताओं को जोड़ने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा अपने परंपरागत समर्थकों के साथ पिछड़े एवं दलित वर्गों में पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कर रहे हैं। वहीं पड़ोसी कैराना लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की इकरा हसन सांसद हैं। जिले में सपा के आशु मलिक और उमर अली खान विधायक हैं। गठबंधन के इन नेताओं की मौजूदगी के कारण सपा-कांग्रेस खेमा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत मानता है। दूसरी ओर भाजपा के पास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, डॉ. धर्म सिंह सैनी और साहब सिंह सैनी सहित कई प्रभावशाली नेता मौजूद हैं।
सपा में दलित प्रतिनिधित्व के रूप में जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री विनोद तेजयान जैसे नाम सक्रिय बताए जाते हैं। पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान भी क्षेत्र में अपना राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। हालांकि किस दल को कितना समर्थन मिलेगा, इसका वास्तविक आकलन चुनाव और मतदाताओं के फैसले के बाद ही संभव होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सहारनपुर की यह रैली सपा की भीड़ जुटाने की क्षमता, संगठन की सक्रियता और सामाजिक गठजोड़ की स्थिति का संकेत दे सकती है। भाजपा सहित दूसरे दलों की भी इस कार्यक्रम पर निगाह रहेगी। रैली में उमड़ने वाली भीड़ और अखिलेश यादव का संदेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति की दिशा समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
TagsAkhilesh launches election campaign in western UPपश्चिमीयूपीचुनावीअभियानआगाजअखिलेशजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





