उत्तर प्रदेश

Akhilesh ने उठाए सवाल, मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज

Ratna Netam
21 July 2026 9:32 PM IST
Akhilesh  ने उठाए सवाल, मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज
x
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद

Rampur रामपुर : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ा मामला अब और गरमा गया है। जौहर यूनिवर्सिटी प्रकरण में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को वाद दर्ज कर लिया है। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा संस्थान को बचाने की अपील की है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक शासनादेश साझा करते हुए कहा कि यदि सरकार चाहे तो जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के बजाय नक्शे को कंपाउंडिंग प्रक्रिया के माध्यम से मंजूरी दे सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए और शिक्षा संस्थानों के हित में सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए शासनादेशों के आधार पर कई भवनों को नियमित किया जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य मामलों में ऐसे प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है तो जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में भी इसी प्रक्रिया को क्यों नहीं अपनाया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने समर्थकों से जुड़े मामलों में नियमों का लाभ देती है, जबकि विपक्ष से जुड़े लोगों के मामलों में अलग रवैया अपनाया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े संस्थान को बचाने के लिए सरकार को ध्वस्तीकरण के बजाय समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए।

उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सरकार को बहाने बनाने के बजाय शिक्षा के मंदिर को बचाने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पक्षपात अन्याय का सबसे स्पष्ट रूप है और सौहार्द एवं न्याय की भावना के साथ फैसले लिए जाने चाहिए।

वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत में जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। आयोग ने शिकायत को स्वीकार करते हुए वाद दर्ज किया है और मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

गौरतलब है कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक विवाद जारी है। विश्वविद्यालय से जुड़े निर्माण कार्यों और भूमि संबंधी मामलों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की चर्चा चल रही है। इसी के बाद सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

सपा की ओर से इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया जा रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन नियमों के पालन की बात कह रहे हैं। अब मानवाधिकार आयोग में मामला दर्ज होने के बाद इस प्रकरण में एक नया कानूनी पहलू जुड़ गया है।

फिलहाल सभी की नजरें मानवाधिकार आयोग की आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों पर टिकी हुई हैं। जौहर यूनिवर्सिटी मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।

Next Story