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कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में अखिलेश की एंट्री, प्रधान के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई बड़े नेता संसद से मार्च करते हुए 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर पहुंचे। इसी दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए मौके पर पहुंचे और विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नीट पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी लगातार इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ी के लिए सरकार को जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि नीट परीक्षा में प्रभावित हुए छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ देश के हर परिवार पर हमला है। राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।
राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की ओर से धरना वापस लेने की अपील को भी स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित में आवाज उठाना जरूरी है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला। अखिलेश यादव के पहुंचने से प्रदर्शन को और राजनीतिक मजबूती मिली। सपा प्रमुख ने इससे पहले भी नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भी पहुंचने की सूचना सामने आई। बताया गया कि केजरीवाल जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच सकते हैं।
नीट पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा में गड़बड़ी के कारण लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कांग्रेस समेत कई दल इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रधानमंत्री आवास जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
नीट परीक्षा विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार की ओर से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।





