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लंबित मामलों के निस्तारण पर प्रशासनिक न्यायाधीश का जोर

नोएडा : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं गौतमबुद्धनगर के प्रशासनिक न्यायाधीश अजय भनोट ने अपने तीन दिवसीय जनपद भ्रमण के पहले दिन जनपद न्यायालय गौतमबुद्धनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय की कार्यप्रणाली, लंबित वादों की स्थिति और न्यायिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए न्याय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनसुलभ बनाने पर जोर दिया।
प्रशासनिक न्यायाधीश के जनपद न्यायालय पहुंचने पर जिला न्यायाधीश, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी सहित सभी न्यायिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया और विभिन्न न्यायिक शाखाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालयों में चल रहे कार्यों, रिकॉर्ड प्रबंधन, वादों की स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति अजय भनोट ने न्यायिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण, न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता, सुनवाई प्रक्रिया में तेजी लाने और आम जनता को बेहतर न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित वादों के निस्तारण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाएं और मामलों की सुनवाई में तेजी लाते हुए न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाएं।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की जिम्मेदारी केवल मामलों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि लोगों को समय पर और निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराना भी है। न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि न्यायालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर व्यवहार और सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो सके।
बैठक के दौरान न्यायालयों में उपलब्ध संसाधनों, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और न्यायिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर भी चर्चा की गई। प्रशासनिक न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तकनीक के बेहतर उपयोग के माध्यम से न्यायिक कार्यों को अधिक सरल और प्रभावी बनाएं।
इसके बाद गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन की ओर से न्यायमूर्ति अजय भनोट का स्वागत समारोह आयोजित किया गया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायाधीश ने न्याय की देवी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति अजय भनोट ने न्यायपालिका और अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया को सफल बनाने में अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अधिवक्ताओं को न्यायिक मर्यादा, पेशेवर मूल्यों और गरिमा का पालन करते हुए न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों से संवाद भी किया तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। अधिवक्ताओं ने न्यायालय से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अपने विचार साझा किए। प्रशासनिक न्यायाधीश ने उनके सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
न्यायमूर्ति अजय भनोट का यह जनपद भ्रमण न्यायिक व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह जिले की न्यायिक व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण करेंगे और न्यायिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे। उनके निरीक्षण से न्यायालयों में लंबित मामलों के समाधान और न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।





