उत्तर प्रदेश

महाराजगंज में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई लेडी डॉन मंजू जेल भेजी गई

Ratna Netam
10 Aug 2026 3:20 PM IST
महाराजगंज में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई लेडी डॉन मंजू जेल भेजी गई
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उत्तर प्रदेश : महाराजगंज जिले में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रही महिला आरोपी मंजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मंजू एक संगठित और अंतरजनपदीय चोरी गिरोह की कथित गैंग लीडर है। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बृजमनगंज थाना पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गैंगस्टर एक्ट में वांछित महिला आरोपी मंजू इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार महिला की पहचान मंजू पत्नी विजय बहादुर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गोरखपुर जिले के एम्स थाना क्षेत्र स्थित आराजी मतौनी, कुसुमी बाजार की रहने वाली बताई गई है। पुलिस के मुताबिक महिला लंबे समय से फरार चल रही थी और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
जांच में पुलिस को पता चला कि मंजू कथित तौर पर एक संगठित चोरी गिरोह का संचालन करती थी। पुलिस के अनुसार यह गिरोह महाराजगंज और गोरखपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य बाजारों, दुकानों और वाहनों समेत भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करते और फिर मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में मंजू के अलावा चार अन्य महिलाएं और एक पुरुष भी शामिल हैं। गिरोह के सभी सदस्य कथित तौर पर आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गतिविधियों और उनकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
मंजू के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ गोरखपुर जिले के गुलरिहा और राजघाट थाने के अलावा महाराजगंज जिले के नौतनवा और बृजमनगंज थानों में चोरी से जुड़े पांच मामले दर्ज हैं। इन मामलों के आधार पर पुलिस ने उसकी आपराधिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने और उसके सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए बृजमनगंज थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम यानी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में मंजू वांछित चल रही थी।
मंजू की गिरफ्तारी के लिए बृजमनगंज पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा, उप निरीक्षक निरंजन राय, उप निरीक्षक आलोक यादव और महिला उप निरीक्षक अर्चना यादव शामिल थीं। इनके अलावा कांस्टेबल हृदयराम यादव, संदीप गौतम, राहुल तिवारी और महिला कांस्टेबल अंजलि सिंह भी टीम का हिस्सा थीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वांछित आरोपियों और संगठित गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गैंगस्टर एक्ट में वांछित मंजू की गिरफ्तारी को पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया। अदालत के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गतिविधियों और संभावित आपराधिक मामलों की भी जांच कर रही है।
महाराजगंज और गोरखपुर के बाजारों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस पहले से सतर्क है। मंजू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह की अन्य गतिविधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की भूमिका और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
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