उत्तर प्रदेश

Complainant से दुर्व्यवहार मामले में कार्रवाई, महिला दरोगा सस्पेंड

Ratna Netam
19 July 2026 3:24 PM IST
Complainant  से दुर्व्यवहार मामले में कार्रवाई, महिला दरोगा सस्पेंड
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Varanasi वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चौबेपुर थाने में तैनात एक महिला उपनिरीक्षक (दरोगा) द्वारा फरियादी महिला को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के परानापुर गांव का है। गांव निवासी दलित महिला गीता देवी ने अपनी आबादी की जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत पुलिस से की थी। महिला का आरोप था कि ग्राम समाज से पट्टे पर मिली जमीन के एक हिस्से पर कुछ लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी शिकायत को लेकर उन्होंने 15 जून को चौबेपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।

बताया जा रहा है कि शिकायत की जांच के दौरान महिला थाने पहुंची थी। इसी दौरान महिला उपनिरीक्षक और फरियादी महिला के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर महिला दरोगा फरियादी महिला को थप्पड़ मारती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो पुलिस विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। अधिकारियों ने वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की प्रारंभिक जांच कराई। इसके बाद डीसीपी ने महिला उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी फरियादी के साथ अभद्र व्यवहार या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे आम लोगों की शिकायतों को संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुनें। यदि कोई कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, पीड़ित महिला गीता देवी ने आरोप लगाया कि वह अपनी जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर थाने गई थीं, लेकिन उनकी समस्या सुनने के बजाय उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में न्याय की मांग की है। महिला का कहना है कि वह अपनी जमीन को बचाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही हैं और पुलिस से मदद की उम्मीद थी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि थाने में शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल महिला दरोगा के निलंबन के बाद विभागीय जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आम जनता की शिकायतों का समाधान करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या दुर्व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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