उत्तर प्रदेश

ऋण वसूली में गड़बड़ी का आरोप, तीन कर्मचारियों पर केस

Kavita2
14 Aug 2026 3:36 PM IST
ऋण वसूली में गड़बड़ी का आरोप, तीन कर्मचारियों पर केस
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महराजगंज: भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की नौतनवा शाखा में तैनात तीन कर्मचारियों पर महिला समूहों से बैंक ऋण की किस्त, सेटलमेंट और प्रीपेमेंट के नाम पर वसूली गई रकम हड़पने का आरोप लगा है। शाखा प्रबंधक की शिकायत पर नौतनवा पुलिस ने तीनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोप है कि कर्मचारियों ने ग्राहकों से कुल 3 लाख 72 हजार 533 रुपये की धनराशि वसूल की, लेकिन उसे शाखा में जमा नहीं किया। शिकायत के मुताबिक, रकम वापस मांगने पर कर्मचारियों ने धमकी भी दी।

पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी बनाए गए तीनों कर्मचारी भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की नौतनवा शाखा में कार्यरत थे। इनमें से एक कर्मचारी गोरखपुर जिले का रहने वाला है, जबकि दो कर्मचारी महराजगंज जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

शाखा प्रबंधक पिंटू यादव निवासी साकिन चकऊर तिवारी, पोस्ट रामपुर खोराबारी, थाना भटनी, जिला देवरिया ने नौतनवा पुलिस को दी तहरीर में पूरे मामले की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि वह भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की नौतनवा शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। शाखा में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से वसूली गई रकम को कार्यालय में जमा नहीं किए जाने की जानकारी जांच और ऑडिट के दौरान सामने आई।

शिकायतकर्ता के अनुसार, महिला समूहों से जुड़े ग्राहकों द्वारा बैंक ऋण की किस्त, ऋण सेटलमेंट और प्रीपेमेंट के लिए कर्मचारियों को रकम दी गई थी। कर्मचारियों ने यह राशि ग्राहकों से तो प्राप्त कर ली, लेकिन उसे शाखा के रिकॉर्ड में जमा नहीं कराया।

ऑडिट के दौरान जब खातों और जमा राशि का मिलान किया गया तो लाखों रुपये की अनियमितता सामने आई। इसके बाद शाखा प्रबंधन ने कर्मचारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी और रकम जमा करने को कहा।

आरोप है कि कर्मचारियों ने रकम वापस करने के बजाय टालमटोल की और शिकायतकर्ता को धमकी भी दी। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने पुलिस को मामले की सूचना दी और कार्रवाई की मांग की।

नौतनवा पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा। आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग और माइक्रो फाइनेंस से जुड़े संस्थानों में ग्राहकों से लेनदेन की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों में ग्राहकों से अपील की जाती है कि वे ऋण की किस्त या अन्य भुगतान हमेशा अधिकृत माध्यम से करें और उसकी रसीद जरूर प्राप्त करें।

महिला समूहों के माध्यम से छोटे ऋण उपलब्ध कराने वाली वित्तीय संस्थाओं में कर्मचारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता से संस्था और ग्राहकों दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।

फिलहाल नौतनवा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपित कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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