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250 करोड़ की साइबर ठगी का आरोपी सुल्तान मिर्जा दुबई से चला रहा था नेटवर्क

उत्तरप्रदेश : प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम और आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी के जरिए कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी सुल्तान मिर्जा पुलिस जांच के घेरे में आ गया है। पुलिस के अनुसार, बीटेक की पढ़ाई कर चुका सुल्तान मिर्जा दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल हवाला कारोबार में किया जाता था।
पुलिस को आरोपी के कई शहरों में ठिकानों की जानकारी मिली है। इनमें मुंबई, बिहार, नोएडा, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं। पुलिस अब इन स्थानों पर बनाई गई कथित संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने ठगी की रकम से करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित की हैं।
मामला कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस ने 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरोह के दो अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में मूल रूप से औरैया जिले के दिबियापुर निवासी और वर्तमान में बर्रा सात में रहने वाला राजवीर सिंह तथा गुजैनी निवासी शिवम सिन्हा शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी सुल्तान मिर्जा के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन गेम और आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी के नाम पर लोगों को फंसाता था। इसके अलावा प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भी लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह का संचालन बेहद संगठित तरीके से किया जा रहा था। इसमें अलग-अलग शहरों में बैठे लोग अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे। ठगी से हासिल रकम को कई माध्यमों से इधर-उधर किया जाता था और इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश तक पहुंचाने की आशंका है।
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुल्तान मिर्जा दुबई में रहकर भारत में किस तरह अपने नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था। पुलिस उसके संपर्कों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और विदेश से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।
सूत्रों के अनुसार, राजवीर सिंह और शिवम सिन्हा की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही सुल्तान मिर्जा ने कानूनी बचाव की कोशिश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उसने अपने वकील के माध्यम से अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन भी दाखिल किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मिले सबूतों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और देश-विदेश में इसके कितने ठिकाने हैं।
साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच इस तरह के संगठित गिरोह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी में अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस डिजिटल ट्रेल, बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाती है।
पुलिस अब सुल्तान मिर्जा की कथित संपत्तियों की जांच के साथ-साथ उसके आर्थिक नेटवर्क को भी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ठगी की रकम कहां-कहां निवेश की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे।
बर्रा थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में विदेश से जुड़े अन्य लोगों या संस्थाओं की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की नजर सुल्तान मिर्जा की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित साइबर ठगी गिरोह से जुड़े कई और नाम सामने आने की उम्मीद है।





