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Stolen vehicles, संग पकड़े गए आरोपी, फर्जी नंबर प्लेट बरामद

Noida नोएडा : थाना सेक्टर-63 पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिल और स्कूटी, एक फर्जी नंबर प्लेट तथा एक अवैध चाकू बरामद किया है। पुलिस के अनुसार बरामद किए गए वाहनों में से आठ वाहनों के संबंध में एनसीआर क्षेत्र के अलग-अलग थानों में चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
थाना सेक्टर-63 में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) स्वतंत्र कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थाना सेक्टर-63 पुलिस टीम लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर लगातार वाहन चोरों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल कुछ आरोपी एफएनजी सर्विस रोड स्थित ग्रीन बेल्ट के पास मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव पुत्र महेंद्र सिंह निवासी ग्राम सहेल, जिला अमरोहा, वर्तमान निवासी गाजीपुर, दिल्ली और मन्नू पुत्र मनोज निवासी ग्राम निधौली, जिला हापुड़, वर्तमान निवासी छिजारसी कॉलोनी, नोएडा के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की गईं। इसके अलावा एक फर्जी नंबर प्लेट और एक अवैध चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक बरामद वाहनों में से आठ वाहन ऐसे हैं, जिनकी चोरी के संबंध में एनसीआर के विभिन्न थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी गौरव मजदूरी का काम करता है, लेकिन वह लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों में शामिल था। पुलिस के अनुसार गौरव इससे पहले भी दिल्ली में वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वहीं दूसरा आरोपी मन्नू मोटरसाइकिलों में पंचर लगाने का काम करता था और चोरी किए गए वाहनों को खपाने में सहयोग करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले उन स्थानों की रेकी करते थे, जहां सीसीटीवी कैमरों की संख्या कम होती थी या निगरानी नहीं रहती थी। इसके बाद मौका देखकर मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए वाहनों को कुछ समय तक सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था। बाद में उन्हें कम कीमत पर राह चलते लोगों को बेच दिया जाता था। कई बार आरोपी वाहनों के पार्ट्स निकालकर भी बेच देते थे।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न थानों में वाहन चोरी सहित अन्य आपराधिक मामलों में कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-63 में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरामद वाहनों के संबंध में भी जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों को कहां-कहां से चोरी किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।





