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उत्तर प्रदेश
सोशल मीडिया पर बच्ची से अश्लील चैट का आरोप मां को जान से मारने की धमकी
nidhi
24 Aug 2026 10:53 AM IST

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नाबालिग को अश्लील मैसेज भेजने का मामला
नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 12 वर्षीय बच्ची को कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक मैसेज भेजने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने नाबालिग से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया और इसके बाद उसे लगातार आपत्तिजनक संदेश भेजने लगा। जब बच्ची की मां को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची के परिवार को उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर आ रहे संदेशों के बारे में पता चला। परिजनों ने मैसेज देखे तो उनमें कथित तौर पर नाबालिग के लिए अश्लील और अनुचित बातें लिखी हुई थीं। इसके बाद परिवार ने बच्ची से बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
आरोप है कि युवक ने सोशल मीडिया के माध्यम से पहले बच्ची से संपर्क बनाने की कोशिश की। इसके बाद बातचीत के दौरान उसने आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए। बच्ची की उम्र महज 12 साल होने के कारण परिजनों ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी से संपर्क कर ऐसा न करने की चेतावनी दी। शिकायत के मुताबिक बच्ची की मां ने जब आरोपी की हरकत का विरोध किया तो मामला और बिगड़ गया। आरोप है कि युवक ने अपनी गलती मानने या संदेश भेजना बंद करने के बजाय महिला को धमकाना शुरू कर दिया। महिला को जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
पुलिस के लिए इंस्टाग्राम चैट, आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। ऐसे मामलों में चैट का समय, संबंधित अकाउंट की पहचान और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाया जाता है कि संदेश किसने भेजे और संबंधित प्रोफाइल का संचालन कहां से किया जा रहा था। नाबालिग को अश्लील संदेश भेजने का मामला गंभीर कानूनी दायरे में आता है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले POCSO Act और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। धमकी से जुड़े आरोपों की भी पुलिस अलग से जांच कर सकती है।
सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कम उम्र के बच्चे कई बार अनजान लोगों की फ्रेंड या फॉलो रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं। इसके बाद आरोपी बातचीत शुरू कर निजी जानकारी, तस्वीरें या अन्य सामग्री हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि अभिभावक बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में समझाएं और उन्हें यह भरोसा दें कि किसी अनजान व्यक्ति से आपत्तिजनक मैसेज मिलने पर वे बिना डर तुरंत इसकी जानकारी परिवार को दें। बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखना और अनजान प्रोफाइल से संपर्क सीमित करना भी जरूरी है। यदि किसी नाबालिग को ऑनलाइन अश्लील या धमकी भरे संदेश मिलते हैं तो चैट और प्रोफाइल से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना जांच में मददगार हो सकता है। आरोपी को ब्लॉक और रिपोर्ट करने के साथ मामले की गंभीरता के अनुसार पुलिस या साइबर अपराध अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।
फिलहाल शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपी पर लगाए गए आरोप जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम रूप से स्थापित होंगे। यह मामला एक बार फिर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया इस्तेमाल के दौरान अभिभावकों की सतर्कता की जरूरत को सामने लाता है।
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