- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- ट्रैक्टर रोटावेटर से...
उत्तर प्रदेश
ट्रैक्टर रोटावेटर से हादसा, सात वर्षीय बच्चे की मौत
Ashish verma
10 Oct 2026 11:37 PM IST

x
मुंगराबादशाहपुर। थाना क्षेत्र के मधुपुर गांव में शनिवार को ट्रैक्टर पर चढ़ते समय रोटावेटर में फंसने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान विनोद सरोज के पुत्र नितेश सरोज के रूप में हुई है। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर मौके पर छोड़कर भाग गया। इससे नाराज स्वजन और ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस को शव कब्जे में लेने से रोक दिया। सीओ मछलीशहर परमानंद कुशवाहा के समझाने-बुझाने पर करीब चार घंटे बाद पुलिस शव को विधिक प्रक्रिया के लिए ले जा सकी।
घटना उस समय हुई, जब नितेश ट्रैक्टर पर चढ़ रहा था। इसी दौरान वह ट्रैक्टर में लगे रोटावेटर में फंस गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। सात वर्ष की उम्र में नितेश की जान जाने के बाद स्वजन ने चालक की गिरफ्तारी की मांग उठाई। ग्रामीण भी इस मांग में परिवार के साथ खड़े हो गए। हादसे के बाद चालक के वाहन छोड़कर भाग जाने से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।
नितेश मधुपुर गांव निवासी विनोद सरोज का पुत्र था। शनिवार को ट्रैक्टर पर चढ़ने के दौरान उसके साथ यह हादसा हुआ। बच्चे के रोटावेटर में फंसने और उसकी मृत्यु के बाद चालक मौके से निकल गया, जबकि ट्रैक्टर वहीं छोड़ दिया। उपलब्ध घटनाक्रम में चालक के फरार होने की बात सामने आई है। उसकी पहचान और हादसे से ठीक पहले की परिस्थितियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल घटना में उसकी भूमिका स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
स्वजन और ग्रामीणों की मांग थी कि चालक को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने इसी मांग को लेकर पुलिस को बच्चे का शव कब्जे में नहीं लेने दिया। परिवार के साथ ग्रामीणों के विरोध के कारण शव को विधिक प्रक्रिया के लिए ले जाने में देरी हुई। लोगों का विरोध चालक की गिरफ्तारी को लेकर था। वे हादसे के बाद उसके भाग जाने से नाराज थे और पहले उसकी गिरफ्तारी चाहते थे। इसके चलते मौके पर पुलिस की आगे की प्रक्रिया करीब चार घंटे तक रुकी रही।
मामले में सीओ मछलीशहर परमानंद कुशवाहा ने स्वजन और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। बातचीत के बाद परिवार और ग्रामीण पुलिस को शव ले जाने देने पर सहमत हुए। तब पुलिस विधिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए शव अपने साथ ले जा सकी। हादसे के बाद बने गतिरोध को दूर करने में लगभग चार घंटे लगे। इस दौरान चालक की गिरफ्तारी की मांग विरोध का मुख्य कारण बनी रही।
घटना का केंद्र ट्रैक्टर पर चढ़ते समय बच्चे का रोटावेटर में फंस जाना है। नितेश किस तरफ से ट्रैक्टर पर चढ़ रहा था और चालक उस समय क्या कर रहा था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए हादसे के पूरे क्रम के बारे में अतिरिक्त निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। स्पष्ट तथ्य यही है कि ट्रैक्टर से जुड़े कृषि उपकरण में फंसने से बच्चे की जान गई और चालक इसके बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया।
सात वर्षीय पुत्र की मृत्यु विनोद सरोज के परिवार के लिए गहरा आघात है। हादसे के बाद स्वजन का आक्रोश चालक के खिलाफ सामने आया। परिवार ने गिरफ्तारी की मांग की और ग्रामीणों ने उसका समर्थन किया। बच्चे की मृत्यु के बाद पुलिस को शव लेने से रोकना उसी विरोध का हिस्सा था। परिवार की मांग और विधिक प्रक्रिया के बीच बने गतिरोध को बातचीत के जरिए दूर किया गया। सीओ के समझाने के बाद ही पुलिस शव ले जा सकी।
इस मामले में दुर्घटना और उसके बाद चालक के फरार होने, दोनों पहलुओं का महत्व है। हादसा कैसे हुआ, बच्चे के ट्रैक्टर पर चढ़ने के समय परिस्थितियां क्या थीं और चालक की जिम्मेदारी किस रूप में बनती है, यह पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होगा। केवल उपलब्ध संक्षिप्त विवरण के आधार पर इन सवालों का अंतिम जवाब नहीं दिया जा सकता। स्वजन और ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग जरूर की है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी होने की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
मधुपुर गांव में हुए इस हादसे के बाद पुलिस की विधिक प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो सकी। परिवार और ग्रामीणों ने शव कब्जे में लेने का विरोध किया, जिससे लगभग चार घंटे का गतिरोध बना। बाद में सीओ परमानंद कुशवाहा की बातचीत से स्थिति बदली और पुलिस को शव ले जाने दिया गया। उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष आश्वासन अथवा तय समय में गिरफ्तारी के वादे का उल्लेख नहीं है। लोगों को समझाने-बुझाने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है।
ट्रैक्टर पर चढ़ते समय हुई इस दुर्घटना में नितेश की मौत के बाद परिवार की मांग चालक की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग चुका है और पुलिस शव को विधिक प्रक्रिया के लिए ले गई है। बच्चे की मृत्यु की परिस्थितियों और चालक की भूमिका का पूरा विवरण सामने आना बाकी है। शनिवार को मधुपुर गांव में हुई इस घटना में एक सात वर्षीय बालक की जान चली गई, जबकि स्वजन और ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस को आगे की प्रक्रिया शुरू करने में चार घंटे लगे।
Next Story





