उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन पर अनोखी मिसाल बहनों के प्यार से मिला नया जीवन

nidhi
27 Aug 2026 9:29 AM IST
रक्षाबंधन पर अनोखी मिसाल बहनों के प्यार से मिला नया जीवन
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रक्षाबंधन पर अनोखी मिसाल

नोएडा : रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले नोएडा के चाइल्ड पीजीआई से भाई-बहन के रिश्ते की एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। यहां बहनों ने सिर्फ कलाई पर राखी बांधकर रक्षा का वादा नहीं निभाया, बल्कि अपने स्टेम सेल देकर अपने भाइयों को नई जिंदगी भी दी। इन बहनों का त्याग और साहस अब लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। नोएडा के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों के इलाज के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की जिंदगी बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया। डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्होंने स्टेम सेल डोनेट कर अपने भाइयों के जीवन की उम्मीद को मजबूत किया।

बहन बनी जीवनदाता
स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कई गंभीर बीमारियों के इलाज में जीवन बचाने वाला विकल्प माना जाता है। इस प्रक्रिया में स्वस्थ डोनर से प्राप्त स्टेम सेल मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किए जाते हैं, जिससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण शुरू हो सके। नोएडा चाइल्ड पीजीआई में इलाज के लिए पहुंचे एक बच्चे को एप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी थी। इस बीमारी में शरीर की खून बनाने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। जब डॉक्टरों ने स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई तो उसकी बड़ी बहन आगे आई और उसने भाई को बचाने के लिए स्टेम सेल दान करने का फैसला किया।
इलाज के बाद लौटी मुस्कान
डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद बहन को उपयुक्त डोनर पाया। सफल स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद बच्चे की हालत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। कुछ समय बाद उसके शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण शुरू हुआ और वह स्वस्थ होने लगा। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस भाई की जिंदगी बीमारी के कारण खतरे में थी, उसे बहन के त्याग ने नई उम्मीद दे दी।
राखी से पहले मिला सबसे बड़ा उपहार
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने वाली बहनें इस बार उससे भी बड़ा रिश्ता निभा चुकी हैं। उन्होंने अपने प्यार को सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने शरीर का हिस्सा देकर भाई को जीवनदान दिया।
डॉक्टरों का कहना है कि स्टेम सेल डोनेशन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। समय पर सही डोनर मिलने से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है।
भाई-बहन के रिश्ते की मिसाल
रक्षाबंधन आमतौर पर भाई की रक्षा के संकल्प का त्योहार माना जाता है, लेकिन नोएडा की इन बहनों ने साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर बहन भी भाई की सबसे बड़ी रक्षक बन सकती है। इन बहनों का त्याग सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए संदेश है कि प्यार और रिश्तों की असली ताकत मुश्किल समय में साथ खड़े होने में होती है।

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