उत्तर प्रदेश

मनकेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का सैलाब हर हर महादेव से गूंजा देवबंद

Ratna Netam
10 Aug 2026 6:56 PM IST
मनकेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का सैलाब हर हर महादेव से गूंजा देवबंद
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देवबंद : सावन मास के दूसरे सोमवार के अवसर पर देवबंद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भगवान शिव की भक्ति का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही नगर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। देवबंद क्षेत्र के मानकी गांव स्थित प्राचीन मनकेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और स्वयं प्रकट माने जाने वाले पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
सावन के दूसरे सोमवार को लेकर शिव भक्तों में सुबह से ही विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालु अलग-अलग इलाकों से मंदिरों में पहुंचे और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल और जल चढ़ाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। इसके साथ ही बेलपत्र और फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना की। मानकी गांव स्थित मनकेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी और प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
वहीं दूसरी ओर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की लंबी कतारें देवबंद क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रही हैं। हजारों कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ियों के साथ मौजूद अलग-अलग तरह की आकर्षक और सुंदर कांवड़ स्थानीय लोगों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। लोग रास्तों पर खड़े होकर कांवड़ यात्रा को देखते नजर आए। कांवड़ियों की सुविधा के लिए मंगलौर से लेकर देवबंद तक जगह-जगह कांवड़ शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में सेवादारों की ओर से भोजन, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई शिविरों में 24 घंटे लगातार सेवा कार्य चल रहा है।
देवबंद के मानकी गांव स्थित प्राचीन मनकेश्वर महादेव मंदिर की अपनी अलग धार्मिक मान्यता भी बताई जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार हजारों वर्ष पहले इस स्थान पर एक मुस्लिम किसान के खेत से शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था। इसके बाद एक व्यापारी को सपने में इसी स्थान पर भगवान शिव का मंदिर बनाए जाने का संकेत मिला। इस मान्यता के बाद देवबंद के वैश्य समाज के लोग आगे आए और शिवलिंग को उसी स्थान पर स्थापित कर मंदिर का निर्माण कराया गया। तभी से यहां भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक की परंपरा जारी रहने की बात कही जाती है।
सावन के इस विशेष अवसर पर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंगलवार के जलाभिषेक को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार को सुबह से लेकर रात करीब 12 बजे तक श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। मंदिर कमेटी और पुलिस प्रशासन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
बताया गया है कि मंगलवार को मनकेश्वर महादेव मंदिर में करीब दो लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर कमेटी की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सावन के दूसरे सोमवार पर देवबंद में एक ओर जहां शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर कांवड़ियों की सेवा में जुटे शिविरों ने धार्मिक और सामाजिक सहयोग की तस्वीर पेश की। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की सेवा के लिए स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भगवान शिव के जयकारों और धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
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