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टैंकर से सरसों तेल का रिसाव शुरू होते ही मची लूट बाल्टी और डिब्बे लेकर दौड़े लोग

औराई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित औराई कोतवाली क्षेत्र के कटका गोदाम के पास शुक्रवार सुबह एक टैंकर से सरसों तेल का रिसाव शुरू होते ही अफरा-तफरी मच गई। सड़क किनारे बहते तेल को एकत्र करने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। कोई बाल्टी लेकर पहुंचा तो कोई डिब्बा और अन्य बर्तन में तेल भरने लगा। बढ़ती भीड़ के बीच चालक टैंकर का रिसाव रोकने में असहाय दिखाई दिया। आखिरकार वह टैंकर लेकर वहां से आगे रवाना हो गया।
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी चालक वीरेंद्र सरसों के तेल से भरा टैंकर लेकर मुरैना से कोलकाता जा रहा था। शुक्रवार सुबह यात्रा के दौरान वह कटका गोदाम के पास पहुंचा। उसने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टैंकर खड़ा किया और चाय पीने के लिए रुक गया। इसी दौरान टैंकर के पिछले हिस्से से अचानक सरसों तेल का रिसाव शुरू हो गया।
शुरुआत में तेल की धार धीमी थी लेकिन कुछ ही देर में बड़ी मात्रा में तेल सड़क पर बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने जब टैंकर से तेल निकलते देखा तो इसकी सूचना तेजी से फैल गई। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में लोग बर्तन लेकर मौके पर पहुंच गए। लोग सड़क पर बहते तेल को भरने लगे। तेल एकत्र करने की होड़ में वहां भीड़ बढ़ती चली गई।
टैंकर चालक वीरेंद्र ने लोगों को पीछे हटने और तेल नहीं भरने के लिए कहा। उसने रिसाव वाली जगह तक पहुंचकर उसे बंद करने का प्रयास भी किया लेकिन भीड़ के कारण उसे पर्याप्त जगह नहीं मिली। लोग टैंकर के पिछले हिस्से के आसपास जमा हो गए थे। चालक बार-बार उनसे दूर रहने की अपील करता रहा लेकिन तेल भरने में लगे लोगों ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया।
भीड़ में शामिल लोग अलग-अलग आकार के डिब्बे, बाल्टी और बोतलें लेकर पहुंचे थे। टैंकर से निकल रहे सरसों तेल को भरने के लिए लोगों में जल्दबाजी दिखाई दी। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने-जाने वाले वाहन चालकों की नजर भी घटनास्थल पर पड़ी। कुछ वाहन धीमी गति से वहां से गुजरे जिससे सड़क पर जाम और दुर्घटना की आशंका पैदा हो गई।
सड़क पर तेल फैलने के कारण फिसलन भी बढ़ गई। दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसी स्थिति विशेष रूप से खतरनाक हो सकती थी। तेल लगी सड़क पर अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने से संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। भीड़ के बीच बच्चों और अन्य लोगों के सड़क तक पहुंचने से किसी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता था।
टैंकर चालक के सामने दोहरी चुनौती उत्पन्न हो गई। एक ओर उसे तेल का रिसाव रोकना था और दूसरी ओर भीड़ को टैंकर से दूर रखना था। सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। चालक ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती रही। स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर उसने टैंकर को वहां से निकालने का निर्णय लिया।
बताया गया कि चालक टैंकर लेकर आगे बढ़ गया ताकि किसी सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा कर रिसाव को ठीक किया जा सके। टैंकर के वहां से चले जाने के बाद भी सड़क पर गिरे तेल को लोग एकत्र करते दिखाई दिए। हालांकि कितना तेल बहा और इससे टैंकर मालिक को कितना नुकसान हुआ इसका तत्काल अनुमान नहीं लगाया जा सका।
घटना के दौरान लोगों द्वारा रिसता हुआ तेल एकत्र करने की जल्दबाजी ने कई सवाल खड़े किए हैं। किसी मालवाहक वाहन से सामान का रिसाव होने पर उसे उठाना या ले जाना कानूनी तथा सुरक्षा दोनों दृष्टियों से उचित नहीं माना जाता। ऐसे समय में चालक की सहायता करने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत भीड़ जुटने से रिसाव रोकने का काम बाधित हो गया।
खुले में सड़क पर बहा तेल धूल, मिट्टी, पानी और अन्य गंदगी के संपर्क में आ सकता है। ऐसे तेल का खाद्य सामग्री के रूप में उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके बावजूद लोग बिना किसी जांच के उसे घर ले जाने के लिए बर्तनों में भरते रहे। खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित किए बिना उसका सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकता है।
टैंकर में सरसों तेल भरा होने के कारण आग लगने जैसी स्थिति का खतरा पेट्रोलियम पदार्थों की तुलना में कम था लेकिन सड़क सुरक्षा का जोखिम बना रहा। तेल के कारण फिसलन, अनियंत्रित भीड़ और वाहनों की आवाजाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। सौभाग्य से उपलब्ध जानकारी में किसी व्यक्ति के घायल होने या वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन चलते हैं। टैंकर और ट्रकों के सड़क किनारे खड़े होने से पहले भी यातायात संबंधी परेशानी होती रही है। यदि किसी वाहन में तकनीकी खराबी या रिसाव हो जाए तो उसे सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाना जरूरी है। साथ ही घटनास्थल के आसपास संकेतक लगाकर अन्य वाहन चालकों को सावधान किया जाना चाहिए।
यह भी जांच का विषय है कि टैंकर के पिछले हिस्से से तेल का रिसाव किस कारण शुरू हुआ। संभव है कि वाल्व ढीला होने, किसी तकनीकी खराबी या यात्रा के दौरान टैंकर के हिस्से को नुकसान पहुंचने से रिसाव हुआ हो। वास्तविक कारण वाहन की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा। चालक द्वारा टैंकर को आगे ले जाने का उद्देश्य रिसाव को किसी सुरक्षित स्थान पर नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
घटना का वीडियो सामने आने पर लोगों के व्यवहार को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में तेल एकत्र करने के लिए भीड़ जुटने का दृश्य दिखने का दावा किया जा रहा है। किसी दुर्घटना या रिसाव की स्थिति में पीड़ित चालक की सहायता करने के बजाय सामान ले जाने की कोशिश सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है।
ऐसी घटनाओं में स्थानीय प्रशासन और राजमार्ग पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सूचना मिलते ही घटनास्थल की घेराबंदी, यातायात नियंत्रित करने और सड़क से तेल साफ कराने की व्यवस्था जरूरी है। वाहन से रिस रहे माल की सुरक्षा और चालक को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने से स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया जा सकता है।
कटका गोदाम के पास हुई घटना में चालक ने भीड़ के सामने खुद को असहाय पाकर टैंकर को वहां से आगे बढ़ा दिया। इससे तत्काल भीड़ तो कम हुई लेकिन सड़क पर फैले तेल के कारण कुछ समय तक खतरा बना रहा। यह घटना लोगों को जागरूक करने की जरूरत बताती है कि सड़क पर किसी वाहन से रिसे खाद्य पदार्थ को एकत्र करना लाभ नहीं बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम हो सकता है।





