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महिला सशक्तिकरण की नई पहल, जनसेवा केंद्रों से जुड़ेंगी महिलाएं

चंदौली: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। अब स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं गांवों में जनसेवा केंद्रों का संचालन करेंगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर उन्हें स्थायी स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं के लिए दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।
जिले में चल रहे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सक्रिय महिलाओं का चयन डिजिटल दीदी पहल के तहत किया जाएगा। चयनित महिलाओं को जनसेवा केंद्र संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कंप्यूटर चलाने, ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी, सरकारी दस्तावेजों के आवेदन, डिजिटल भुगतान व्यवस्था और अन्य तकनीकी कार्यों की जानकारी शामिल होगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को लाइसेंस प्रक्रिया में सहयोग दिया जाएगा, जिसके बाद वे अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों में जनसेवा केंद्र संचालित कर सकेंगी।
चंदौली जिले में वर्तमान समय में 13,300 स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं। इन समूहों से करीब 1.33 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं पहले से ही विभिन्न आजीविका गतिविधियों जैसे छोटे व्यवसाय, उत्पादन कार्य और अन्य रोजगार से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। अब जनसेवा केंद्र संचालन का अवसर मिलने से उनकी आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
प्रशासन की योजना के अनुसार, इन जनसेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन आवेदन, आधार से जुड़े कार्य, बिजली बिल जमा करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इस पहल से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए तहसील, ब्लॉक या जिला मुख्यालय जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। गांव स्तर पर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक का उपयोग भी बढ़ेगा।
महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। जनसेवा केंद्र संचालित करने वाली महिलाएं प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकेंगी। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और महिलाओं की समाज में भागीदारी भी बढ़ेगी।
मिशन का विस्तार करने के लिए जिले में इस वित्तीय वर्ष में 9,660 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके पूरा होने के बाद करीब 97 हजार और ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ सकेंगी। इससे महिला आत्मनिर्भरता अभियान को और गति मिलेगी।
डिजिटल दीदी पहल के तहत विभाग सक्रिय और इच्छुक महिलाओं को प्राथमिकता देगा। उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जनसेवा केंद्र संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह कदम ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें डिजिटल क्षेत्र में भी मजबूत बनाएगा।
चंदौली में शुरू होने वाली यह पहल महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे जहां महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं ग्रामीणों को सरकारी सुविधाएं आसानी से अपने गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। आने वाले समय में यह योजना जिले के ग्रामीण विकास और महिला आत्मनिर्भरता में बड़ी भूमिका निभा सकती है।





