उत्तर प्रदेश

धारऊ बाइपास पर बनेगा नया व्यावसायिक बाजार, 2.75 करोड़ की लागत से बनेंगी 50 दुकानें

Kavita2
25 Sept 2026 6:04 PM IST
धारऊ बाइपास पर बनेगा नया व्यावसायिक बाजार, 2.75 करोड़ की लागत से बनेंगी 50 दुकानें
x

मैनपुरी। नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नगर पालिका ने धारऊ बाइपास रोड पर नया व्यावसायिक बाजार विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित बाजार का निर्माण करीब 2.75 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यहां लगभग 50 दुकानें बनाने की योजना है। निर्माण पूरा होने के बाद इन दुकानों को नगर पालिका की ओर से किराये पर आवंटित किया जाएगा। परियोजना की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।

धारऊ बाइपास रोड नगर को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों का आवागमन होता है। नगर पालिका का मानना है कि बाइपास पर व्यवस्थित बाजार विकसित होने से नगर और ग्रामीण क्षेत्र के बीच कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अभी आसपास के गांवों से आने वाले लोगों को सामान खरीदने या अपने उत्पाद बेचने के लिए नगर के अंदर स्थित बाजारों तक जाना पड़ता है। इससे उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ समय भी खर्च करना पड़ता है। बाइपास रोड पर बाजार बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही खरीद-बिक्री की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

नगर पालिका की योजना के अनुसार नए व्यावसायिक बाजार में करीब 50 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। इन दुकानों को अलग-अलग प्रकार के कारोबार के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नगर पालिका निर्धारित प्रक्रिया के तहत दुकानों का आवंटन करेगी। दुकानें किराये पर दिए जाने से स्थानीय स्तर पर नए व्यापारियों को कारोबार शुरू करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

बाजार विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और उत्पादकों को भी फायदा मिलने की संभावना है। किसान अपने कृषि उत्पादों को बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। स्थानीय स्तर पर बाजार की सुविधा मिलने से उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए नगर के अंदर जाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कृषि उपज के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले अन्य उत्पादों को भी नए बाजार में जगह मिल सकती है। इससे ग्रामीण उत्पादकों और ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क बढ़ने की संभावना है। आसपास के गांवों के लोगों के लिए भी रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदना आसान हो सकेगा।

धारऊ बाइपास पर प्रस्तावित व्यावसायिक बाजार नगर के मौजूदा बाजारों पर दबाव कम करने में भी मददगार हो सकता है। शहर के अंदर बाजारों में वाहनों और ग्राहकों की अधिक आवाजाही के कारण कई बार यातायात संबंधी परेशानी होती है। बाइपास पर नया कारोबारी केंद्र बनने से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कुछ ग्राहकों को शहर के मुख्य बाजार तक नहीं जाना पड़ेगा।

नगर पालिका ने इस परियोजना पर करीब 2.75 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया है। फिलहाल प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जाएगी।

बाजार में प्रस्तावित 50 दुकानों के माध्यम से स्थानीय कारोबारियों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। नगर के ऐसे छोटे व्यापारी जिन्हें मुख्य बाजार क्षेत्र में दुकान नहीं मिल पाती या किराया अधिक होने के कारण कारोबार शुरू करने में परेशानी होती है, उनके लिए नगर पालिका की दुकानें विकल्प बन सकती हैं।

नगर पालिका को भी दुकानों के किराये से नियमित आय प्राप्त हो सकेगी। इस आय का उपयोग नगर क्षेत्र में विकास और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जा सकता है। इस तरह परियोजना का उद्देश्य केवल बाजार तैयार करना नहीं, बल्कि नगर पालिका के लिए आय का नया स्रोत विकसित करना भी है।

धारऊ बाइपास की भौगोलिक स्थिति इस प्रस्तावित बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह मार्ग नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम होने के कारण यहां नियमित आवाजाही बनी रहती है। बाजार विकसित होने के बाद इस क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं और धीरे-धीरे बाइपास एक नए व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित हो सकता है।

बाजार बनने से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। दुकानों में कारोबार शुरू होने के बाद स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिल सकता है। परिवहन, सामान की ढुलाई और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिल सकता है।

ग्रामीण किसानों के लिए बाजार तक आसान पहुंच विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी। फसल या अन्य उत्पाद बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होने से परिवहन पर होने वाला खर्च भी घट सकता है। वहीं ग्राहकों को ग्रामीण उत्पाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे।

परियोजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और इसका क्रियान्वयन शासन की मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ेगा। स्वीकृति मिलने के बाद नगर पालिका निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करेगी और बाजार तैयार होने के बाद दुकानों का किराये पर आवंटन किया जाएगा।

धारऊ बाइपास रोड पर करीब 2.75 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह व्यावसायिक बाजार नगर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच एक नए कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। करीब 50 दुकानों वाले इस बाजार से जहां स्थानीय व्यापारियों को कारोबार के अवसर मिलेंगे, वहीं आसपास के गांवों के किसानों और आम लोगों को खरीद-बिक्री की सुविधा उनके नजदीक उपलब्ध हो सकेगी।

Next Story