उत्तर प्रदेश

सावन के पहले सोमवार पर द्वारिका सिटी में उमड़ा आस्था का सैलाब

Ratna Netam
4 Aug 2026 4:18 PM IST
सावन के पहले सोमवार पर द्वारिका सिटी में उमड़ा आस्था का सैलाब
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मुजफ्फरनगर : सावन मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर मुजफ्फरनगर के द्वारिका सिटी स्थित मंदिर प्रांगण में भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केदारनाथ धाम के प्रधान पुजारी श्री राजशेखर लिंग जी के आगमन ने पूरे आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। उनके दर्शन और आशीर्वचन प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कॉलोनीवासी, महिलाएं, युवा और बच्चे मंदिर परिसर में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण शिवभक्ति से सराबोर नजर आया और "हर-हर महादेव" तथा "बम-बम भोले" के जयघोष लगातार गूंजते रहे।
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। ऐसे पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। मंदिर को आकर्षक फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया गया था, जिससे पूरे परिसर का वातावरण भक्तिमय बन गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया था और कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केदारनाथ धाम के प्रधान पुजारी श्री राजशेखर लिंग जी ने भगवान भोलेनाथ की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सावन केवल पूजा-पाठ का महीना नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, सेवा, संयम और सनातन संस्कृति के मूल्यों को अपनाने का भी समय है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सत्य, सेवा, करुणा और सदाचार को स्थान दें। उनका कहना था कि सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों के जीवन से दुख और बाधाएं दूर होती हैं तथा उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। यदि समाज के सभी लोग इन मूल्यों को अपनाएं तो सामाजिक सौहार्द और भाईचारा और अधिक मजबूत होगा। उनके प्रेरणादायी विचारों को श्रद्धालुओं ने ध्यानपूर्वक सुना और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया।
प्रवचन के बाद पूज्य राजशेखर लिंग जी के करकमलों से भगवान भोलेनाथ की दिव्य महाआरती संपन्न कराई गई। आरती के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर और घंटा-घड़ियाल की गूंज के बीच आरती में भाग लिया। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस धार्मिक आयोजन का संचालन द्वारिका सिटी वेलफेयर सोसायटी की ओर से किया गया। सोसायटी के सचिव मनोज सिंह, अंशुमान अग्रवाल, अमित जैन सहित अन्य पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला। श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था बनी रही।
आयोजकों ने बताया कि सावन मास के दौरान इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से देश, समाज और समस्त मानवता के कल्याण की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन ने श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया तथा सावन मास की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक प्रखर बना दिया।
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