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फतेहाबाद के विधायक छोटेलाल वर्मा को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

आगरा। फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नगला देवहंस पहुंचने पर बड़ी संख्या में समर्थक, ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। गांव में सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। छोटेलाल वर्मा अपने समर्थकों के बीच ‘बाबूजी’ के नाम से लोकप्रिय थे।
पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। समर्थकों ने नम आंखों से अपने नेता को श्रद्धांजलि दी। गांव और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की लंबी कतारें अंतिम दर्शन के लिए लगी रहीं। इस दौरान ‘बाबूजी का नाम अमर रहेगा’ जैसे नारे भी सुनाई दिए। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
छोटेलाल वर्मा का गुरुवार को बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे और आगरा के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। रास्ते में तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की खबर गुरुवार रात सामने आते ही फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में शोक फैल गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनके समर्थक और क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उनके आवास पर पहुंचने लगे। शुक्रवार को अंतिम यात्रा और अंतिम दर्शन के दौरान भी लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी।
छोटेलाल वर्मा का फतेहाबाद की राजनीति से लंबा जुड़ाव रहा। वह चार बार इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। वर्ष 1993 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद अलग-अलग चुनावों में जीत हासिल करते हुए उन्होंने क्षेत्र की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए थे।
समर्थकों के बीच छोटेलाल वर्मा को ‘बाबूजी’ के नाम से जाना जाता था। स्थानीय राजनीति में उनकी पहचान जनता से सीधे संवाद करने वाले नेता के रूप में रही। उनके निधन के बाद अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना क्षेत्र में उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है।
उनका जन्म 7 जुलाई 1953 को नगला देवहंस में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वह कृषि और कारोबार से जुड़े रहे। सक्रिय राजनीति में आने के बाद उन्होंने फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया। कई दशक लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों का सामना किया और चार बार विधानसभा पहुंचने में सफल रहे।
वर्ष 1993 में पहली बार चुनाव जीतने के बाद उनका राजनीतिक सफर आगे बढ़ा। इसके बाद 2002 और 2012 में भी वह विधायक बने। वर्ष 2022 में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें फतेहाबाद से प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत दर्ज कर चौथी बार विधानसभा में जगह बनाई।
छोटेलाल वर्मा के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी उनके निधन पर दुख जताया।
शुक्रवार को नगला देवहंस में अंतिम दर्शन के दौरान हर तरफ शोक का माहौल दिखाई दिया। समर्थक अपने नेता के साथ बिताए समय और उनसे जुड़ी यादों को साझा करते नजर आए। आसपास के गांवों और फतेहाबाद क्षेत्र से लोग सुबह से ही नगला देवहंस पहुंचने लगे थे।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों में बुजुर्गों से लेकर युवा और भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। पार्थिव शरीर के पास पहुंचकर लोगों ने पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी।
छोटेलाल वर्मा के परिवार में तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। उनकी पत्नी माया देवी का पहले ही निधन हो चुका था। उनके निधन के बाद परिवार के साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी शोक में हैं।
राजनीतिक जीवन में छोटेलाल वर्मा ने फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र को केंद्र में रखकर लंबा सफर तय किया। चुनावी हार-जीत के बावजूद वह क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे। चार बार विधायक चुना जाना उनके लंबे राजनीतिक सफर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।
शुक्रवार को उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच समर्थकों का भावनात्मक जुड़ाव साफ दिखाई दिया। ‘बाबूजी’ के नाम से पहचाने जाने वाले छोटेलाल वर्मा को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग नगला देवहंस पहुंचे। गांव में अंतिम दर्शन के दौरान लगातार श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी रहा।
विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद फतेहाबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। फिलहाल क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों से ज्यादा उनके निधन का शोक दिखाई दे रहा है। चार बार विधानसभा में फतेहाबाद का प्रतिनिधित्व करने वाले छोटेलाल वर्मा की अंतिम विदाई के मौके पर समर्थकों और ग्रामीणों की भीड़ ने उनके साथ अपने लंबे जुड़ाव को जाहिर किया।





