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2027 चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव, बरेली में नितिन नवीन निकालेंगे दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा

लखनऊ/बरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी 1 नवंबर को उत्तर प्रदेश के दौरे पर आएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, वह बरेली में पार्टी के राष्ट्रव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित विशाल पदयात्रा में शामिल होंगे। करीब दो किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में 30 हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। भाजपा इस अभियान के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
1 नवंबर को बरेली में नितिन नवीन की पदयात्रा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बरेली दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, वह 'लोकतंत्र की हुंकार और अराजकता की हार' के संकल्प के साथ पदयात्रा में हिस्सा लेंगे।
करीब दो किलोमीटर लंबी इस यात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और स्थानीय नागरिकों को शामिल करने की तैयारी है।
पार्टी ने लगभग 30 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। हालांकि, यह संगठन का निर्धारित लक्ष्य है और वास्तविक संख्या आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगी।
भाजपा इस कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाना चाहती है। साथ ही विपक्ष द्वारा लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपना पक्ष रखेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर तैयारियां तेज
नितिन नवीन के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए भाजपा की प्रदेश और क्षेत्रीय इकाइयों ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं।
पार्टी की योजना है कि पदयात्रा में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाए।
स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक समन्वय और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
भाजपा चाहती है कि यह आयोजन केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित न रहे, बल्कि व्यापारी, शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हों।
पार्टी पदाधिकारियों को जनसंपर्क बढ़ाने और कार्यक्रम को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी भाजपा
भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से जुड़ा है।
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के कई दलों ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष की ओर से मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंताएं जताई गई हैं।
दूसरी ओर भाजपा इन आरोपों का विरोध कर रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
भाजपा इस अभियान के माध्यम से एसआईआर से संबंधित तथ्यों को जनता के सामने रखने और विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने की तैयारी में है।
यूपी के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में निकलेगी पदयात्रा
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक की थी।
बैठक में जनभागीदारी बढ़ाने और कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अवध क्षेत्र में 3 नवंबर को लखनऊ में पदयात्रा निकाली जाएगी। काशी क्षेत्र की पदयात्रा 4 नवंबर को प्रयागराज और गोरखपुर क्षेत्र की पदयात्रा उसी दिन गोरखपुर में होगी।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की पदयात्रा भी 4 नवंबर को कानपुर में प्रस्तावित है, जबकि पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा 5 नवंबर को गाजियाबाद में आयोजित होगी।
हालांकि, बरेली कार्यक्रम की तारीख को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में अंतर है। 28 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में नितिन नवीन की पदयात्रा 1 नवंबर को बताई गई है, जबकि पहले घोषित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बरेली की पदयात्रा 5 नवंबर को निर्धारित थी। अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अपेक्षित है।
धर्मपाल सिंह ने पदाधिकारियों को दी जिम्मेदारी
प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संगठनात्मक क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क पर जोर दिया।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल को अभियान का संयोजक बनाया गया है।
अभियान की सह-संयोजक प्रियंका सिंह रावत और नीरज सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
बैठक में यह तय किया गया कि पदयात्राओं में पार्टी के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
भाजपा संगठन इन कार्यक्रमों को आम लोगों के साथ संवाद स्थापित करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
राहुल गांधी और विपक्ष पर नितिन नवीन का हमला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को विपक्षी दलों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा।
गोवा में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अव्यवस्था का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के विकास कार्यों पर विपक्ष के पास ठोस सवाल नहीं हैं।
उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाए।
भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी की सरकारें जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही हैं।
ये सभी बयान भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप और दावे हैं।
देशभर में दो चरणों में चलेगा अभियान
भारतीय जनता पार्टी ने इस अभियान को देशव्यापी स्तर पर चलाने की रणनीति बनाई है।
पहला चरण 5 नवंबर तक और दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित करने की योजना है।
इस दौरान विभिन्न राज्यों में पदयात्राओं, जनसंवाद कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
पार्टी ने जिला मुख्यालयों पर आयोजित होने वाली पदयात्राओं में सामान्यतः 10 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है।
इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 200 प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
भाजपा का लक्ष्य देशभर में 10 लाख से अधिक युवाओं और पेशेवरों तक पहुंच बनाना है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा के इस अभियान को संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक तरफ समाजवादी पार्टी अपने पीडीए अभियान के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को एकजुट करने का प्रयास कर रही है, वहीं भाजपा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच पहुंचने की रणनीति बना रही है।
बरेली और आसपास के रुहेलखंड क्षेत्र में पार्टी के लिए संगठनात्मक मजबूती बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की प्रस्तावित पदयात्रा को इसी व्यापक राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा का जनसंपर्क अभियान मतदाताओं के बीच कितना प्रभाव डाल पाता है।





