उत्तर प्रदेश

यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को बड़ा तोहफा, बढ़ा मानदेय

Rajeshwari Nishad
13 Oct 2026 1:38 PM IST
यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को बड़ा तोहफा, बढ़ा मानदेय
x
बरेली। उत्तर प्रदेश में गांवों की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह में उनके मासिक मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके बाद ग्राम प्रहरियों को अब 2,500 रुपये के बजाय 3,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा भी की गई। इस फैसले से प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को गांवों की सुरक्षा व्यवस्था की आंख और कान बताते हुए उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गांवों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचाने में ग्राम प्रहरी अहम कड़ी हैं। उनकी सतर्कता से अपराध, अफवाह और अवैध गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
68 हजार ग्राम प्रहरियों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ग्राम प्रहरी, जिन्हें आमतौर पर गांव का चौकीदार भी कहा जाता है, स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था को सहयोग प्रदान करते हैं। गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, किसी घटना की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका रहती है।
अब तक ग्राम प्रहरियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि के बाद उन्हें हर महीने 3,500 रुपये मिलेंगे। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12,000 रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे।
सरकार के इस फैसले से ग्राम प्रहरियों की वार्षिक मानदेय राशि 30,000 रुपये से बढ़कर 42,000 रुपये हो जाएगी। हालांकि, यह राशि मानदेय के रूप में दी जाएगी, इसे नियमित सरकारी वेतन के समान नहीं माना जाना चाहिए।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मानदेय में इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर सालाना लगभग 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
मानदेय बढ़ाने के साथ ग्राम प्रहरियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा देने की बात कही गई है।
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों और नेटवर्क अस्पतालों के माध्यम से इलाज उपलब्ध कराना होता है। इससे बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ कब से मिलेगा, इसमें परिवार के सदस्यों को शामिल किया जाएगा या नहीं और किन अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी, इसकी विस्तृत शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। लाभार्थियों को योजना के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी।
सम्मान समारोह में 11 ग्राम प्रहरी सम्मानित
बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर पगड़ी पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ग्राम प्रहरियों के योगदान और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में उनकी जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया गया।
सम्मान समारोह का उद्देश्य गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करने वाले कर्मियों के योगदान को पहचान देना था। ग्राम प्रहरी अक्सर स्थानीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों से परिचित होते हैं। इस कारण वे पुलिस को समय पर सूचना उपलब्ध कराने में उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।
गांवों में होने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं की जानकारी समय पर मिलने से पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलती है। विशेषकर संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही, विवाद और अन्य संभावित समस्याओं की सूचना मिलने से संबंधित अधिकारियों को स्थिति का आकलन करने का अवसर मिलता है।
अपराध रोकने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनकी सतर्कता पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच और स्थानीय लोगों के साथ संवाद बनाए रखने में ग्राम प्रहरियों का सहयोग उपयोगी माना जाता है।
ग्राम प्रहरी गांवों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने को जानकारी देते हैं। इस व्यवस्था से पुलिस को ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।हालांकि, अपराध रोकने की जिम्मेदारी केवल ग्राम प्रहरियों तक सीमित नहीं है। इसके लिए पुलिस प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय भी जरूरी है।
मानदेय बढ़ोतरी से आर्थिक राहत की उम्मीद
ग्राम प्रहरी लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। महंगाई और घरेलू खर्चों के बीच सीमित मासिक मानदेय से परिवार चलाना कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में एक हजार रुपये की मासिक वृद्धि से उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
नई दर के अनुसार ग्राम प्रहरियों को पहले के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत अधिक मानदेय मिलेगा। इसके साथ स्वास्थ्य सुविधा लागू होने पर बीमारी के दौरान होने वाले खर्च को लेकर भी पात्र लाभार्थियों को राहत मिल सकती है।
हालांकि, मानदेय बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुविधा का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित आदेशों में क्या प्रावधान किए जाते हैं और उनका क्रियान्वयन किस तरह होता है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ घोषित स्वास्थ्य सुविधा की पात्रता और क्रियान्वयन संबंधी विवरण सामने आने के बाद योजना के लाभों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
Next Story