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कौशांबी। पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। पशुपालन विभाग की ओर से संचालित कुक्कुट विकास नीति के तहत जिले के लोग अब अपना पोल्ट्री लेयर फार्म खोलकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
इस योजना के माध्यम से इच्छुक लोगों को फार्म स्थापित करने के लिए बैंक के जरिए 70 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि योजना के नियमों के अनुसार फार्म का संचालन करने पर सरकार ऋण पर लगने वाले सात प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति पांच साल तक खुद करेगी।
ऑनलाइन आवेदन कर उठा सकते हैं योजना का लाभ
पशुपालन विभाग के अनुसार, कुक्कुट विकास नीति के तहत पोल्ट्री लेयर फार्म खोलने के इच्छुक लोग विभाग में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और पशुपालन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
विभाग की ओर से आवेदन प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाती है।
एक करोड़ रुपये की परियोजना को मिलती है मंजूरी
कुक्कुट विकास नीति के तहत जिले में 10 हजार बर्ड क्षमता वाले पोल्ट्री लेयर फार्म की परियोजना को स्वीकृति दी जाती है।
ऐसी परियोजना की अनुमानित लागत करीब एक करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
इसमें आवेदक को कुल लागत का 30 प्रतिशत हिस्सा खुद लगाना होगा, जबकि बाकी 70 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराएगा।
बैंक की सहमति जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास बैंक की सहमति होना आवश्यक है।
ऋण स्वीकृति के लिए बैंक की ओर से सहमति पत्र जमा करना होगा।
इसके अलावा आवेदक के पास फार्म संचालन के लिए पर्याप्त भूमि भी होनी चाहिए।
एक हेक्टेयर जमीन होना जरूरी
पोल्ट्री लेयर फार्म स्थापित करने के लिए आवेदक के पास एक हेक्टेयर भूमि होना जरूरी बताया गया है।
भूमि उपलब्ध होने के बाद फार्म निर्माण, शेड, पक्षियों के पालन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए परियोजना तैयार की जाती है।
विभागीय जांच और बैंक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार देगी ब्याज में बड़ी राहत
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता ब्याज में मिलने वाली सहायता है।
नियमानुसार फार्म का संचालन करने वाले लाभार्थियों को बैंक ऋण पर लगने वाले सात प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से पांच वर्षों तक की जाएगी।
इससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे व्यवसाय को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे।
जिले में पहले से चल रही कई इकाइयां
पशुपालन विभाग के अनुसार, जिले में पहले से भी पोल्ट्री लेयर फार्म संचालित किए जा रहे हैं।
वर्तमान में जिले में 10 हजार पोल्ट्री लेयर फार्म की चार इकाइयां और 30 हजार पोल्ट्री लेयर फार्म की एक इकाई संचालित है।
इन इकाइयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
युवाओं और किसानों के लिए अवसर
कुक्कुट पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
किसान और युवा कम जमीन में भी वैज्ञानिक तरीके से पोल्ट्री व्यवसाय शुरू कर अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।
अंडा उत्पादन की बढ़ती मांग को देखते हुए लेयर फार्म व्यवसाय में संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पशुपालन विभाग का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल पोल्ट्री फार्म स्थापित करना नहीं बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकार की ओर से ऋण और ब्याज सहायता मिलने से नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
विभाग ने इच्छुक लोगों से योजना की जानकारी लेकर समय पर आवेदन करने की अपील की है।





